अनमोल जीवन | Devbhoomi Samachar

अनमोल जीवन

अनमोल जीवन… इस अनमोल जीवन का मूल्य समझते हुए अपना जीवन प्रभु की भक्ति में अभी से लगा दीजिए। चूंकि यह जीवन तो मिट्टी के घडे के सम्मान है न जाने… ✍🏻 सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)

मानव जीवन अनमोल है़ जो प्रभु ने हमें उपहार स्वरूप प्रदान किया। अतः जीवन को प्रभु की भक्ति में लगाइये। ज्ञानार्जन मे़ लगाये और जीवन को कंचन की भांति संवार लिजिए। जिस तरह से हीरा अनमोल होता है और हर किसी की निगाह में उसकी कीमत अलग अलग होती है, लेकिन एक जौहरी ही उसकी सही सही कीमत आंक सकता है। ठीक उसी प्रकार सच्चे साधु-संत या भक्त ही इस अनमोल जीवन की कीमत जानता हैं। अगर हीरा गंदगी में भी गिर जाये तो उसकी कीमत कभी भी कम नहीं होती हैं। चूंकि वह तो अनमोल होता हैं।

इस अनमोल जीवन का मूल्य समझते हुए अपना जीवन प्रभु की भक्ति में अभी से लगा दीजिए। चूंकि यह जीवन तो मिट्टी के घडे के सम्मान है न जाने कब टिला लग जाए और फूट जाये। इसलिए नियमित रूप से भजन-कीर्तन करे। पूजा पाठ करे और कथा सुने। जीवन तो ईश्वर की भक्ति के लिए ही मिला हैं। इसलिए झूठ-फरेब का सहारा लेकर जीवन को बर्बाद न करें।

सौ बात की एक बात हैं। सच्चाई-सच्चाई ही होती है। अतः झूठ के दलदल में न फंसे। ईश्वर पर भरोसा रखें। वह सब ठीक करता हैं। इसलिए कभी भी गलत राह न चुने। ईश्वर ने सभी को एक ही मिट्टी से बनाया है़ बस फर्क इतना हैं कि कोई भीतर से सुंदर हैं तो कोई बाहर से सुंदर है़।

मनुष्य को भीतर से सुंदर होना चाहिए, जबकि वह बाहर से सुंदर दिखने के लिए नाना प्रकार के क्रीम-पाउडर, बोडी लोसन, इत्र व अन्य सौन्दर्य सामग्री का इस्तेमाल कर सुन्दर दिखने का प्रयास करता हैं जो एक तरह से अपने आप के साथ ही नहीं अपितु समाज के साथ भी एक तरह का धोखा हैं।

सुंदरता तो मन के भीतर की होनी चाहिए। मन में प्रेम, दया, करूणा, वात्सल्य का भाव होना चाहिए न कि छल-कपट, धोखा, बेईमानी। मन की सुंदरता ही व्यक्ति को महान बनाती हैं और उसे अपनी मंजिल तक पहुंचाती हैं। इंसान का जीवन अनमोल हैं जो हमें हमारे पूर्व जन्म के नेक कर्मों के कारण ही मिला हैं। इसलिए इसे ईश्वर की भक्ति मे़ लगाइये।


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अनमोल जीवन... इस अनमोल जीवन का मूल्य समझते हुए अपना जीवन प्रभु की भक्ति में अभी से लगा दीजिए। चूंकि यह जीवन तो मिट्टी के घडे के सम्मान है न जाने... सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)

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