हाऊस वाइफ डरें नहीं अपितु हिम्मत के साथ आगें बढें | Devbhoomi Samachar

हाऊस वाइफ डरें नहीं अपितु हिम्मत के साथ आगें बढें

सुनील कुमार माथुर

33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)

सोनी टी वी पर दिखाये जाने वाले कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति मे ग्वालियर ( मध्यप्रदेश ) की महिला गीता सिंह गौर ने अभिताभ बच्चन ध्दारा पूछे गये सवालों का जवाब देकर एक करोड़ रुपये जीत कर महिलाओं के समझ एक आदर्श उदाहरण पेश किया और उन्होंने कहा कि हाऊस वाइफ को डरना नहीं चाहिए अपितु आत्मविश्वास और हिम्मत के साथ आगें बढना चाहिए ।

मंगलवार 9 नवम्बर 2021 को कौन बनेगा करोड़पति मे गीता सिंह गौर ने अभिताभ बच्चन ध्दारा पूछे गये सवालों का जवाब बडे ही आत्मविश्वास के साथ दियें और अद् भूत तरीके से खेल को खेला । गौर ने सवालों के जवाब जिस तत्परता के साथ दियें वो काबिले तारीफ हैं । पन्द्रह सवालों के जवाब देकर गौर ने एक करोड़ रुपये जीत लिए और सोलहवां सवाल जब पूछा गया तो वहां वो अटक गयी जबकि उनके पास दो लाइफ लाईन बची हुई थी लेकिन खेल के नियमानुसार वे इन लाइफ लाइनों का इस्तेमाल नहीं कर सकती थी और आखिरी सवाल पर क्यूक कर लिया ।

गीता सिंह गौर ने जब एक करोड़ रुपये जीते तो वहां उपस्थित जन समुदाय ने जमकर तालियां बजाई और हाल तालियों से गूंज उठा । गौर ने महिलाओं को अपने संदेश में कहा कि हाऊस वाइफ को डरना नहीं चाहिए अपितु आत्मविश्वास और हिम्मत के साथ आगें बढना चाहिए । उन्होंने कहा कि वे भी घर के सारे कार्य पूरे करके रात में पढती थी और सामान्य ज्ञान में उनकी काफी रूचि व उत्सुकता रहती हैं ।

गीता सिंह गौर ने एल एल बी कर रखी हैं और भविष्य में वे प्रैक्टिस करना चाहती हैं । उन्हें जीप चलाना भी आता हैं और हर राज्य का पहनावा पहनने का उन्हें शौक हैं । उन्हें एक सवाल के जवाब में कहा कि यह एक करोड की राशि उनके जीवन की पहली कमाई हैं । अभी तक तो उन्होंने घर परिवार को ही संभाला हैं ।

खेल के दौरान एक करोड़ रुपये जीतने वालों को एक अन्य पुरस्कार भी दिया जाता हैं जिसके अन्तर्गत गौर को कार की चाबी सौंपी गयी और डेयरी मिल्क की ओर से एक ग्रिफ्ट हेम्पर देकर शुक्रिया अदा किया गया । गौर ने कौन बनेगा करोड़पति खेल को अद् भूत तरीके से खेल कर न केवल एक करोड रूपये की राशि ही जीती बल्कि दुनियां को दिखला दिया कि जीवन में शिक्षा का कितना महत्वपूर्ण स्थान हैं । अतः अभिभावकों को चाहिए कि वे लडका और लडकी में कोई भेदभाव न करें और उनके साथ समान व्यवहार करते हुए लडका व लडकी दोनों को पढायें ।

19 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Devbhoomi Samachar
Verified by MonsterInsights