बहुमुखी प्रतिभा के धनी सम्पादक “राज शेखर भट्ट”

सटीक कलम, रचनाकारों का समय-समय पर सही मार्गदर्शन किया है...

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सुनील कुमार माथुर

कलम के धनी राज शेखर भट्ट का 22 अगस्त को जन्म दिन हैं, आजादी दिलाने वाले माह में किसी का जन्म दिन आना अपने आप में एक गर्व और गौरव की बात हैं। चूंकि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ था और हमारे देश को आजादी दिलाने वाले दीवानों में कई लोग पत्रकार थे। अतः उन आजादी के दीवानों का असर आना तो स्वाभाविक है। इतना ही नहीं आपके पिता जी स्व0 चन्द्र शेखर भट्ट स्वंय एक आदर्श पत्रकार थे जिन्होंने अपनी ठनठनी लेखनी के माध्यम से जन समस्याओं को उजागर करने में अहम् भूमिका निभाई और पीडित , दलित को न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहें यहीं वजह है कि पत्रकार राज शेखर भट्ट अपने पिता और आजादी के दीवानों के पद चिन्हों पर चलकर रचनात्मक एवं मिशनरी पत्रकारिता कर राष्ट्र के प्रति अपना दायित्व निभा रहें है।

आप न केवल एक अच्छे रचनाकार हैं अपितु एक कुशल गायक व संगीत प्रेमी भी हैं। आप पर मां सरस्वती की असीम कृपा हैं यहीं वजह है कि आप हंसमुख स्वभाव के धनी, गायक व संगीत की कला में निपुण है। आपका व्यक्तित्व एवं व्यवहार हर रचनाकारों के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा । कोरोना महामारी के चलतें आपने देवभूमि समाचार पत्र के पाठकों के मनोबल को बनाये रखा और देवभूमि समाचार पत्र देहरादून के पटल पर नियमित रूप से कोरोना से लडने के लिए व लोगों में जनजागृति लाने व उनका हौंसला अफजाई करने के लिए कोरोना से बचाव संबंधी आलेखों का प्रकाशन कर एक कर्मवीर योध्दा का कार्य किया।

जनता की चित की शुद्धि, सात्विक बुद्धि , सुख शान्ति की वृध्दि, दुर्गुनों का विनाश, मलिन वृतियों का विनाश करने के लिए सदैव तत्पर रह्ते है। कोरोना महामारी के विपदा काल में भी राज शेखर भट्ट ने सकारात्मक सोच वाली रचनाएं पटल पर परोस कर साहित्य प्रेमियों का जो स्वच्छ मनोरंजन किया वह वंदनीय और सराहनीय है । बच्चों में शारीरिक क्षमता बढाने के लिए जैसे खेलकूद आवश्यक है ताकि बच्चे लोगों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए यह बात आसानी से वे समझ सकें । ठीक इसी प्रकार आपने साहित्य प्रेमियों को देवभूमि समाचार पत्र देहरादून के पटल पर अपने आलेख प्रकाशित करने के लिए मंच प्रदान किया ताकि रचनाकार अपनी लेखनी को सुधार सकें।

राज शेखर भट्ट ने रचनाकारों का समय- समय पर सही मार्गदर्शन किया है और उनकी भाषा को सुधारने का सराहनीय प्रयास किया है । एक आदर्श शिक्षक की भांति मात्राओं का व व्याकरण का ज्ञान कराया जो शायद ही आज के समय में किसी शिक्षण संस्थान में कोई अध्यापक ऐसा करता है और न हीं वहां के व्यवस्थापक या संचालक इस और ध्यान देते है चूंकि कि शिक्षा के पावन मंदिर आज लूट खसोट के केन्द्र बन गयें है । लेकिन राज शेखर भट्ट ने निःशुल्क यह प्रशिक्षण देकर एक आदर्श नागरिक की भूमिका निभाई जिसके लिए वे धन्यवाद एवं साधुवाद के पात्र है।

राजशेखर की समाज के प्रति काफी हमदर्दी है। वे किसी को परेशानी में नहीं देख सकते । जुलाई 2022 में जब केन्द्र सरकार ने आटा चावल जैसे खाधान्नों पर जीएसटी की धोषणा की तो भट्ट ने नीरो की बंशी और मोदी की राजनीति विषय से सम्पादक के कलम से सटीक व सारगर्भित आलेख लिखकर समाज व राष्ट्र को चिन्तन मनन के लिए बाध्य कर दिया । इस आलेख के जरिए उन्होंने आम जनता की पीडा को उजागर किया जो सराहनीय व वंदनीय है।

आप बडे ही नेक व दरियादिल इंसान हैं । आपकी वाणी मधुर व व्यवहार आदर्श हैं । साहित्य प्रेमियों पर आपकी कृपा दृष्टि सदैव से बनी रहने के कारण रचनाकारों की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता रहता हैं । आपने सदैव दोस्तों एवं रचनाकारों के साथ मेलजोल बनायें रखा और कभी किसी से अनजाने में कोई गलती हो गयी तो उसे प्रेम के साथ समझा कर गले लगाया । आपने हर जाति , धर्म व वर्ग के लोगों को प्रोत्साहन दिया । यहीं वजह है कि देवभूमि समाचार पत्र देहरादून का पटल आज कौमी एकता का मंच बना हुआ है।

क्रोध व अपनी वाणी पर सदैव नियंत्रण रखा। ऐसा गुण उन्हीं लोगों में होता है जिन पर सदैव ईश्वर की कृपा बरसती हैं । चूंकि आप हमेशा नकारात्मक सोच से दूर रहें । जब-जब भी आपका स्वास्थ्य नरम रहा तब-तब आपने संगीत थेरेपी का सहारा लेकर न केवल अपना अकेले का मनोरंजन किया अपितु सभी साथियों का मनोरंजन किया और दुःख- सुख बांटे। चूंकि आपका यही ध्येय रहा है कि जीवन मे सदैव सुख और शांति बनी रहें।

राज शेखर भट्ट हमेशा नये-नये प्रयोग करने में लगें रह्ते है लेखन प्रतियोगिता, काव्य प्रतियोगिता व गोष्ठियों एवं संगोष्ठी कराने में हमेशा अग्रणीय रहें । रचनाकारों को सम्मान स्वरूप प्रशंसा पत्र देकर सभय – सभय पर उनका हौंसला अफजाई किया । हर रचनाकार को मेहनत का फल मिले। यही आपका ध्येय है। अनजाने लोगों को भी अपने परिवार का सदस्य बनाने का इनमें हुनर हैं । जहां आप नये लोगों को जोडने के लिए सदैव तत्पर रह्ते है वही दूसरी ओर इस बात का भी ध्यान रखते हैं कि अपने मित्रों के बीच में सभी के मन में आनंद छाया रहें।

मैने वैसे तो आप से कभी लम्बी चौड़ी बातें फोन पर नही की फिर भी यदा कदा व्हाटसएप से संदेश भेज कर हालचाल जानने की कोशिश करता हूं तो मैने इस दौरान पाया कि विपरीत परिस्थितियों में भी आप सामान्य बने रहने का प्रयास करते है । हाल ही में आपके ससुर जी का स्वर्गवास हो गया । इधर आपकी माताजी , आपकी धर्मपत्नी व आप स्वंय बीमार हो गये और आर्थिक परेशानियों का सामना किया लेकिन चेहरे पर कभी भी दुःख के भाव को नहीं आने दिया।

आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के दौरान भी आपने पटल पर ढेरों साम्रगी प्रकाशित कर पाठकों का हौसला अफजाई किया। नौ अगस्त को शादी की सालगिरह मनाकर आपने पाठकों के बीच शेयर किया वह अपनत्व की एक अनोखी मिसाल है।

राज शेखर भट्ट एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं । अथक परिश्रमी है । असीम स्नेह, अटूट धैर्य, मंत्र मुग्ध वाणी, समाज सेवा, सच्चाई व ईमानदारी की प्रेरणा, सद् व्यवहार, पारिवारिक एकात्मक भाव का ही यह परिणाम है कि आज हम सब एक मंच पर हैं और निडर व निष्पक्ष होकर सभी के समक्ष दिल खोल कर अपनी बात रख पा रहें है । वे दया की मूर्ति व करूणा के सागर है । यहां यह कहना भी उचित होगा कि कभी किसी महापुरुष की यह पंक्तियां पढने को मिली थी कि कोई कितना भी बोलें अपने आप को शान्त रखें क्योंकि धूप कितनी भी तेज हो समुद्र को नहीं सुखा सकती । ठीक इसी प्रकार राज शेखर शान्त स्वभाव के व्यक्ति है और वे सच्चाई के लिए सभी को साथ लेकर चलने वाले व्यक्ति हैं । इनके बारें में अधिक लिखना शायद सूर्य को दीपक दिखाना होगा।


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

Devbhoomi
From »

सुनील कुमार माथुर

स्वतंत्र लेखक व पत्रकार

Address »
33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

7 Comments

  1. rajshekhar Bhatt ji ke liye
    तुमको देखा तो मुझे मोहब्बत समझ में आयी,
    वरना औरों से ही तुम्हारी तारीफ सुना करते थे…
    Happy Birthday 🎁🎉
    And very nice lines Mathur sir

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