नई ऊर्जा और जोश | Devbhoomi Samachar

नई ऊर्जा और जोश

जब आप निष्ठा के साथ कार्य करेगे तो सफलता अवश्य ही मिलेगी, इसमें कोई दो राय नहीं है। जीवन में वे लोग ही आगे बढ पाते हैं जो अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढते हैं और अपने मन की बात सुनते हैं। चूंकि मन ही हमें संकट की स्थिति में व असमंजस की स्थिति में सही मार्गदर्शन करता हैं। #सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)

जीवन जीना भी एक कला है। अतः जीवन की शुरुआत हमें महापुरुषों व सन्त महात्माओं के प्रेरक विचारों के साथ करनी चाहिए ताकि हमारे जीवन में नई ऊर्जा और जोश का संचार हो व हम दिन भर आराम से बिना किसी बाधा के जोश व उत्साह के साथ अपने कार्य को सम्पादित कर सके। चूंकि ये प्रेरक विचार हमारे सच्चे मार्गदर्शक होते हैं जिनके स्मरण मात्र से ही जीवन में ताजगी का संचार होता है।

किसी महापुरुष ने कहा था कि दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनों । हमारे मन में परमात्मा का वास होता है और जब हम कोई भी गलत कार्य करते हैं या करने जाते हैं तब हमारा मन ही हमें अच्छे-बुरे कर्मों का ज्ञान कराते हुए हमें अवगत कराता हैं कि अमुक कार्य गलत हैं, इसलिए इसे न करे लेकिन हम अपने स्वार्थ की खातिर मन की भी नहीं सुनते हैं जो हमारी मूर्खता का ही परिणाम है।

हर व्यक्ति प्रतिभावान होता है लेकिन सम्पूर्ण जानकारी उसे भी हर विषय की नहीं होती है। इसलिए हर व्यक्ति से हर समय कुछ नया सीखते ही रहना चाहिए। चूंकि ये प्रेरक विचार हमें जीवन जीने की कला सीखाते हैं। इसलिए व्यक्ति को एक समय मे एक ही काम करना चाहिए और ऐसा करते समय उसमें अपनी पूरी ताकत झोंक देनी चाहिए और बाकी सब कुछ भूल जाओं।

जब आप निष्ठा के साथ कार्य करेगे तो सफलता अवश्य ही मिलेगी, इसमें कोई दो राय नहीं है। जीवन में वे लोग ही आगे बढ पाते हैं जो अपना लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढते हैं और अपने मन की बात सुनते हैं। चूंकि मन ही हमें संकट की स्थिति में व असमंजस की स्थिति में सही मार्गदर्शन करता हैं। मन ही हमारा सच्चा दोस्त, गुरु व शुभ चिंतक है।


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