मुस्कान ग्रुप ने जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी

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सुनील कुमार माथुर

हमें यह मानव जीवन प्रभु का दिया हुआ एक अनोखा उपहार है और जिसने इस जीवन को रचनात्मक कार्यों में लगा दिया और निःस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करतें है वे ही महान् व्यक्ति कहलाते है । महान व्यक्ति बनने के लिए व्यक्ति का व्यक्तित्व महान होना चाहिए । व्यक्ति समाज में अपने आदर्श व्यक्तित्व की महक से पहचाना जाता हैं । अपने लिए व अपने बच्चों व परिजनों के लिए तो हर कोई जीता है पर जो दूसरों के लिए करता हैं और उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरता हैं ऐसे व्यक्ति विरले ही होते हैं ।

जोधपुर के मुस्कान ग्रुप ने जरूरतमंद बच्चों की सहायता कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर कर एक अनोखी व अनूठी मिसाल कायम की है । ग्रुप ने कोरोना काल में भीषण गर्मी में जरूरतमंद बच्चों को चरण पादुकाएं ( चप्पल  ) पहना कर उनकों गर्मी से राहत दिलाई । इसके बाद मुस्कान ग्रुप ने समय-समय पर कच्ची बस्तियों में जाकर जरूरतमंद बच्चों की जरूरतों को समझा और उनका समाधान करना शुरू कर दिया । आज कोई तन से कोई मन से तो कोई धन से सेवा करता हैं लेकिन मुस्कान ग्रुप तीनों तरह से सेवा कर रहा हैं और वह भी निःस्वार्थ भाव से ।

इस नेक कार्य के पीछे ग्रुप का एक ही ध्येय हैं शिक्षा की ज्योत निरन्तर जलती रहें । मुस्कान ग्रुप ने सर्दी से बचाने के लिए जरूरतमंद बच्चों को ऊनी वस्त्र  , स्वेटर , रेवडी , गजक जैसी सामग्री वितरित कर उन बच्चों को कड़कड़ाती सर्दी से बचाया । भगवान बनने के लिए व्यक्ति को कांटों व अंगारों पर चलना पडता हैं बिस्तर पर लेटे रहने से या दूसरों के रचनात्मक व सकारात्मक कार्यों में कमियां ढूंढते रहने से कोई महान नहीं बनता है । कमियां तो लोग भगवान में भी ढूढने वाले ढूंढते हैं लेकिन मुस्कान ग्रुप अपने मिशन में सदैव कामयाब रहा चूंकि ग्रुप के किसी भी सदस्य या पदाधिकारी में मान – सम्मान व यश पाने की चाह नहीं है ।

मुस्कान ग्रुप के संस्थापक निर्मल कुमार माथुर  , संतोष कुमार व अध्यक्ष मुक्ता माथुर का कहना हैं कि बच्चों को शिक्षा से  निरन्तर जोडे रखने के लिए ग्रुप ध्दारा चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किये जा रहें है । मुस्कान ग्रुप की ओर से शिक्षा ज्योत अभियान के तहत चांद पोल एरिया में आंगनवाड़ी से जुङे बच्चों सहित जरूरत बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित की गयी । ग्रुप ने भैरवनाथ मंदिर में स्लेट , ड्राइंग कापी , कलर काॅपी , कलर सैट , अभ्यास पुस्तिकाएं  , भाषा ज्ञान की पुस्तकें, कविताओं की पुस्तकें, ज्योमेट्री बाॅक्स व अध्ययन उपयोगी सामग्री वितरित की गयी । कहने का तात्पर्य यह है कि सेवा का कार्य कोई सा भी क्यों न हो व्यक्ति को उसके लिए निरन्तर कर्म करते रहना चाहिए और कर्म भी निःस्वार्थ भाव से करना चाहिए ।

सेवा भाव से मन में जो अपार खुशी होती हैं वह खुशी सेवाभावी व्यक्ति ही जानता हैं चूंकि सेवाभावी लोग ही जरूरतमंद लोगों की पीडा को समझ सकता हैं और निःस्वार्थ भाव से सेवा करने के लिए व्यक्ति को पहल अपने से ही करनी पडती हैं फिर तो कारवां स्वतः ही जुडता जाता हैं । केवल कहने मात्र से हम किसी की सहायता नहीं कर सकतें है अपितु सहायता व सहयोग के लिए किसी को नींव का पत्थर बनना ही पडता हैं । याद रखिये कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता हैं । जीवन में सूझबूझ से ही सफलता मिलती हैं । व्यक्ति को हमेशा कुछ नया करने का प्रयास करतें रहना चाहिए । अगर आप अपनी योग्यता  , मन व मस्तिष्क का सही इस्तेमाल करते हैं तो ऐसी कोई ताकत नहीं है जो आपके नेक कार्य में बाधक बन सकें । आपकों अपनें कार्य में सफलता अवश्य ही मिलेगी ।

एक बार आप अपने रचनात्मक मिशन में सफल हो गयें तो फिर नई ऊर्जा के साथ हर दिन की शुरुआत होगी और मन में अपार खुशी व आनंद हिलौरे लेगा । दुनियां के कामकाज तो चलते ही रहते हैं और उनमें से नेक कार्य कर कोई जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लायें यही मानवता का कृत्य हैं । व्यक्ति को उसका व्यक्तित्व ही महान् बनाता हैं । मनचाही सफलता हमेशा ठोस रणनीति के कारण ही मिलती हैं इसमें कोई दो राय नहीं है । जब आप दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लातें है तभी लोग आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होते हैं । दूसरों के चहेरे पर मुस्कान लाना कोई आसान कार्य नहीं है लेकिन मुस्कान ग्रुप ने इस असंभव को भी संभव कर सूझबूझ का परिचय दिया हैं जो की वंदनीय और सराहनीय कार्य हैं ।

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