जब बहुगुणा को हराने के लिए भजन लाल और वीपी सिंह ने डाला था डेरा

भुवन बताते हैं उस दौरान बहुगुणा समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा था। ऐसे में वो भी निशाने पर आए और उन्होंने भी एक सप्ताह ऐंड के जंगलों में बिताया। तब लोग अपना सब कुछ भुलाकर अपने नेताओं के लिए काम करते थे।

कर्णप्रयाग (चमोली)। लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक रोमांचक मुकाबला लोग हिमालय पुत्र हेमवती नंदन बहुगुणा और कांग्रेस के उम्मीदवार चंद्रमोहन सिंह नेगी का ही मानते हैं। उस दौरान निर्दलीय बहुगुणा को हराने के लिए पूरी इंदिरा सरकार मैदान में उतर गई थी। यहां तक कि हरियाणा के सीएम भजन लाल और यूपी के मुख्यमंत्री वीपी सिंह ने कर्णप्रयाग में डेरा जमा लिया था।

यहां की हर गतिविधि पर नजर रखकर सूचना इंदिरा गांधी तक पहुंचती थी। हेमवती नंदन बहुगुणा के समर्थक रहे भुवन नौटियाल बताते हैं कि वर्ष 1982 में हुए चुनावों में पूरी सरकार बहुगुणा के खिलाफ हो गई थी, लेकिन पूरा पहाड़ बहुगुणा के समर्थन में उतर गया था। गांव के गांव बहुगुणा के समर्थन में कुछ भी करने के लिए तैयार थे।

नौटियाल बताते हैं कि नंदासैंण में हुई सभा में भजन और वीपी आए तो ग्रामीण भारी संख्या में यहां पहुंच गए और सभा ही नहीं होने दी। यही नहीं भजन लाल तब हरियाणा के और वीपी सिंह यूपी के सीएम थे। बावजूद दोनों नेताओं ने कर्णप्रयाग में रहकर यहां से कांग्रेस के लिए पूरा प्रयास किया, लेकिन लोग थे कि बहुगुणा के पक्ष में खड़े रहे।

भुवन बताते हैं उस दौरान बहुगुणा समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा था। ऐसे में वो भी निशाने पर आए और उन्होंने भी एक सप्ताह ऐंड के जंगलों में बिताया। तब लोग अपना सब कुछ भुलाकर अपने नेताओं के लिए काम करते थे।


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