परीक्षा पर चर्चा : परीक्षा की तैयारी को सही आकार दें

परीक्षा पर चर्चा : परीक्षा की तैयारी को सही आकार दें… यदि विद्यार्थी कम मेहनत में ज्यादा अंक अर्जित करना चाहते हैं तो उन्हें मनोवैज्ञानिक दृष्टि से यही सलाह है कि वे रात्री में कम और सुबह जल्दी उठकर… ✍️ पंकज प्रखर
परीक्षाओं का मौसम आ चुका है सारे विद्यार्थी जी-जान से परीक्षाओं की तैयारी में जुट चुके हैं ऐसे में उनकी इस तैयारी को और सुविधायुक्त बनाने व सुव्यवस्थित रूप देने के लिए विद्यार्थियों को समर्पित आज का लेख जो उनकी परीक्षा की तैयारियों को और प्रभावशाली बनाएगा।
व्यवस्थित टाइम-टेबल बनाएं– परीक्षा के दिनों में अपना एक व्यवस्थित टाइम-टेबल बनाएं, जिसमें अपने खाने-पीने, पढ़ने-लिखने, घुमने-फिरने, सोने व मनोरंजन सभी का समय तय कर लें और उसी के अनुसार पढ़ाई करें। कई बच्चे परीक्षा के दिनों में खेलने और मनोरंजन के समय को अपने रूटीन से निकल देते हैं ऐसा बिलकुल भीं करें पढ़ाई के बीच-बीच में थोडा समय खेलने या मनोरंजन के लिए भी निकालें इससे आप नै ऊर्जा अनुभव करेंगे और आपके दिमाग को भी आराम मिलता रहेगा। थोड़े-थोड़े अंतराल में पढ़ें। एक साथ अधिक प्रेशर न लें। शुरुआत आसान विषयों को पढ़ने से करें। इससे चीज़ें आसानी से याद होती जाएँगी और आत्म विश्वास भी बढ़ता जाएगा। एक ही बार में सब कुछ पढ़ने का प्रयास न करें। इससे कुछ भी ठीक तरह से याद नहीं हो पाएगा।
हल्का,पोष्टिक एवं संतुलित आहार लें– बच्चों को तला-भुना या उनका पसंदीदा जंक फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड देने से बचें क्योंकि परीक्षा के दिनों में संतुलित आहार स्वस्थ मस्तिष्क के लिए बेहद जरूरी है। हल्का भोजन बच्चों के लिए सुपाच्य होगा,पढ़ाई के लिए बच्चे घंटों एक ही जगह पर बैठे रहते है जिससे भोजन ठीक से पच नहीं पाता हल्का भोजन पचाना आसान है और उससे प्राप्त पोषण से मस्तिष्क मजबूत होगा और देर तक पड़ने में आलस्य भी नहीं आएगा। दूध का सेवन करें चाय, काफ़ी का प्रयोग कम करें।
व्यायाम के लिए थोड़ा समय निकालें– व्यायाम करने से हमारे शरीर में कई ऐसे हार्मोन सक्रीय होते हैं जिनसे हम खुशी महसूस करते हैं और तनाव से राहत मिलती है। हम जानते हैं कि आपके पास पढ़ाई का टाइम बहुत कम है लेकिन व्यायाम एवं ध्यान के लिए पंद्रह से बीस मिनट निकालकर आप अपनी परीक्षा के तनाव से छुटकारा पा सकते हैं। ध्यान से मानसिक शांति मिलती है और बुद्धि प्रखर और तेजस्वी बनती है जिससे याद करने में बड़ी आसानी होती है। अत: जिन बच्चों को याद करने में तकलीफ होती है वे ज़रूर दस से पाँच मिनट किसी शांत स्थान पर शांति से बैठें और ध्यान करने का अभ्यास करें।
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पर्याप्त नींद लें एवं रात्री के स्थान पर सुबह पढ़ें– ज्यादातर विद्यार्थी परीक्षा के दिनों में नींद की मात्र कम कर देते है या तो सोते ही नहीं है जिससे उनके दिमाग की काम करने की शक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि आप अच्छी नींद लेंगे तो अच्छी नींद से आप थका हुआ महसूस नहीं करेंगे। इसके साथ ही ध्यान एकाग्र करने में मदद मिलेगी और मस्तिष्क भी स्वस्थ रहेगा। कई विद्यार्थी बिना सोये ही परीक्षा के लिए चले जाते हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि मस्तिष्क को चीजें याद रखने के लिए नींद की जरूरत होती है। थका हुआ मस्तिष्क शरीर को भी थका देता है।
यदि विद्यार्थी कम मेहनत में ज्यादा अंक अर्जित करना चाहते हैं तो उन्हें मनोवैज्ञानिक दृष्टि से यही सलाह है कि वे रात्री में कम और सुबह जल्दी उठकर अध्ययन करें क्योंकि विज्ञान कहता है कि रात के समय हमारे दिमाग से एक हार्मोन स्रावित है जो हमारे दिमाग को रिलेक्स मोड में लाकर उसे गहरी नींद की तरफ ले जाता है परन्तु हम रात में पढ़ने के कारण उस हार्मोन की प्रतिक्रिया को चाय से नष्ट करते हैं और एक बार नहीं कई बार चाय पीकर उसे नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे हमारे मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ता है और वह अपना सौ प्रतिशन नहीं दे पाता। परिणामत: जो पाठ कम समय में आसानी से याद हो सकता था उसे याद करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है।
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ईश्वर में आस्था और स्वयं पर विश्वास करें– हमारे सभी कार्य ईश्वर की इच्छा से संचालित होते हैं। हमारे लिए ईश्वर जो करते हैं वही सही होता है। ईश्वर दयालु हैं और सभी से प्रेम करते हैं तथा सभी की मदद भी करते हैं। अपनी बेहतरी के लिए हमेशा ईश्वर में आस्था बनाए रखें।
संसार में ऐसी कोई वस्तु नहीं है जो कड़ी मेहनत से प्राप्त न की जा सके। परन्तु उसकी प्राप्ति के लिए सबसे आवश्यक है ‘आत्मविशवास’ परीक्षा के दिनों में सबसे ज्यादा जरूरी यह है कि आप स्वयं पर भरोसा करें। इससे आपने जो कुछ भी पढ़ा है, वह परीक्षा में लिख पाएंगे। भरोसा रखें कि आपने पर्याप्त पढ़ा है और सब अच्छे से होगा। किसी भी प्रश्न को लेकर घबराएं नहीं। पेपर लिखने की शुरुआत आसान सवालों से करें। मुश्किल प्रश्नों को अंत में हल करें।
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इन तरीकों को अपनाकर हम निश्चित ही बच्चों के मन से परीक्षा के डर को कम करने में मदद कर सकते हैं। परीक्षा के बोझ को मन पर हावी करके बच्चे सफलता की सीढ़ी नहीं चढ़ सकते। इसलिए जरूरी है कि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से समय की महत्ता को पहचान कर समय सारिणी बनाकर परीक्षा की तैयारी के लिए मेहनत करनी चाहिए ताकि अच्छे परिणाम सामने आ सकें। निश्चित रूप से इन बिंदुओं को अपनी दिनचर्या में शामिल करके विद्यार्थी बिना किसी तनाव के परीक्षाओं की तैयारी आसानी से कर सकेंगे।
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