बेबी माउथिंग की आदत सामान्य या असामान्य | Devbhoomi Samachar

बेबी माउथिंग की आदत सामान्य या असामान्य

हांलाकि बच्चों द्वारा किसी भी वस्तु को मुंह में डालने की आदत को लेकर पेरेंट्स का सतर्क होना बेहद जरूरी होता है। इसलिए पेरेंट्स को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि बच्चा जो भी चीज मुंह में डाल रहे हैं, वह उनके लिए सुरक्षित है या नहीं।

छोटे बच्चों को हमेशा आसपास मौजूद चीज को सीधे मुंह में डालने की आदत होती है। बच्चों की इस आदत से पेरेंट्स परेशान रहते हैं। तो वहीं कुछ माता-पिता यह समझने का प्रयास करते हैं, कि बच्चों को यह आदत सही होती है, या खराब। बच्चों की इस आदत को माउथिंग कहा जाता है। हांलाकि बच्चों द्वारा वस्तुओं को मुंह में डालने की यह आदत स्वाभाविक होती है।

बता दें कि आमतौर पर शुरूआत के कुछ महीनों में बच्चों को यह आदत होती है। जो उनके विकास का एक हिस्सा माना जाता है। ऐसे में अगर आपके बच्चे को भी यह आदत है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।य़ आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि बच्चे की यह आदत सामान्य होती है या असामान्य है।

आपको बता दें कि बच्चा माउथिंग की आदत के जरिए घनत्व, बनावट, आकार और स्वाद जैसे संवेदी गुणों के बारे में सीखते हैं। किसी भी अन्य इंद्रियों की तुलना में नवजात शिशु अपने मुंह से ज्यादा जानकारी एकत्र करने का प्रयास करते हैं। बच्चों की माउथिंग न सिर्फ उनके शारीरिक बल्की मानसिक विकास का भी संकेत हो सकता है। ऐसे में जब बच्चा किसी भी वस्तु को अपने मुंह में डालता है, तो वह उसके बारे में जानकारी लेने का प्रयास करता है।

हांलाकि बच्चों द्वारा किसी भी वस्तु को मुंह में डालने की आदत को लेकर पेरेंट्स का सतर्क होना बेहद जरूरी होता है। इसलिए पेरेंट्स को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि बच्चा जो भी चीज मुंह में डाल रहे हैं, वह उनके लिए सुरक्षित है या नहीं। क्योंकि बच्चों द्वारा किसी चीज को मुंह में डालने से उनका दम घुट सकता है, या फिर वह चीज बच्चे के गले में अटकने का खतरा रहता है। ऐसे में पेरेंट्स द्वारा यह सुनिश्चित करना उन्हें इन तरीकों के खतरे से बचाता है।

जानिए माउथिंग के फायदे-

  • शिशुओं द्वारा माउथिंग करना संवेदी उत्तेजना में सहायता करता है। इसके जरिए बच्चा उसके आकार, बनावट व स्वाद के बारे में जानकारी हासिल करता है। यह आदत फ्यूचर में खाने की अच्छी आदतों में सहायता करता है।
  • माउथिंग द्वारा बच्चों के मुंह की एक्सरसाइज भी हो जाती है। इस प्रक्रिया से बच्चे के गाल व जबड़े मजबूत होते हैं और बोलने के विकास में बढ़ावा मिलता है।
  • इसके अलावा माउथिंग की आदत बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होता है। क्योंकि बच्चे के आसपास व उनके हाथों के जरिए कीटाणु मुंह में प्रवेक कर जाते हैं।
  • माउथिंग की आदत बच्चो को सेल्फ रिलीफ में मदद करती है। वस्तुओं या उंगली को चूसने से उन्हें आराम मिल सकता है और भावनाओं को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
  • बच्चों के दांत निकलने के दौरान माउथिंग की आदत उनको दर्द से राहत दे सकती है। जब बच्चा किसी सुरक्षित वस्तु को अपने मुंह से दबाता है, तो इस दबाव से उभरते दांतों की परेशानी को कम करने में मदद कर सकती है।

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