युवा देश और प्रदेश की प्रगति का आधार

युवा देश और प्रदेश की प्रगति का आधार… जब सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः बहाल कर दी तो फिर इन शिक्षकों व कर्मचारियों को क्यों नहीं पेंशन दी जा रही है । ये कर्मचारी भी आर्थिक व मानसिक तनाव झेल रहे। सुनील कुमार माथुर की कलम से…
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 10 नवम्बर 2022 को प्रदेश के समाचार पत्रों में एक विज्ञापन दिया है कि युवाओं एवं विधार्थियों को समर्पित बजट 2023 – 24 इस विज्ञापन में कहा गया हैं कि युवा देश और प्रदेश की प्रगति का आधार हैं । युवाओं की रचनात्मक सोच , ऊर्जा एवं क्षमता से देश के विकास को नये आया म दियें जा सकते हैं।
भाषणों , किताबों और विज्ञापनों में ये बातें लुभावनी लगती है लेकिन धरातल पर ऐसा नही है । वर्ष 2013 में आयोजित कनिष्ठ लिपिकों को अब नियुक्तिया दी जा रही है । वर्ष 1986 में राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर द्धारा आयोजित कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यार्थियों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के करीबन सात साल बाद अप्रैल मई 2000 में सरकारी सेवा में नियुक्तियां दी लेकिन इन करीबन सात वर्षोंं का कोई लाभ नहीं दिया।
नतीजन ये अभ्यार्थी सेवानिवृत हो गये व कम सेवा काल से इन्हें पेंशन भी कम मिल रही हैं और ये आर्थिक व मानसिक तनाव झेल रहे हैं। लेकिन हलोत सरकार इनकी सुनवाई नहीं कर रही है। इसी प्रकार अनुदानित शिक्षण संस्थानों के जिन शिक्षकों व कर्मचारियों को ग्रामीण सरकारी स्कूलों में लगाया उन्हें सेवानिवृति के बाद आज तक पेंशन नहीं मिली।
जब सरकार ने पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः बहाल कर दी तो फिर इन शिक्षकों व कर्मचारियों को क्यों नहीं पेंशन दी जा रही है । ये कर्मचारी भी आर्थिक व मानसिक तनाव झेल रहे। अगर मामला कोर्ट में चल रहा है तो सरकार मुकदमा वापस क्यों नहीं लेती । जबकि पुरानी पेंशन व्यवस्था पुनः लागू हो चुकी है । समस्या तो समाधान चाहती है न कि दलगत राजनीति।
¤ प्रकाशन परिचय ¤
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From » सुनील कुमार माथुर स्वतंत्र लेखक व पत्रकार Address » 33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान) Publisher » देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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