आपके विचार

कल्पना के बगैर कोई साहित्य नहीं होता

सुनील कुमार माथुर

बालप्रहरी तथा बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा आयोजित 500वें ऑनलाइन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के पद से अपने उद् बोधन में साहित्यकार देवेंद्र मेवाड़ी ने कहा कि आज के दौर में बच्चे मोबाइल तथा इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े हैं उन्हें प्रकृति तथा पुस्तकों से जोड़ने की नितांत जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चे अपनी पढ़ाई करें। अपनी रूचि के अनुसार भविष्य में अपनी मंजिल को पाएं परंतु उनके मन में वैज्ञानिक सोच जाग्रत करने की जरूरत है । बच्चों के अंदर मानवीय मूल्यों के संचार करने तथा उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की जरूरत है ।

‘बालप्रहरी और बाल साहित्य’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए बाल साहित्यकार डॉ. दिविक रमेश ने कहा कि बाल साहित्य केवल बच्चों के लिए नहीं होता है । ये बड़ों के लिए भी होता है । उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए उत्कृष्ट बाल साहित्य लिखा जा रहा है । इसे बच्चों तक कैसे पहुंचाया जाए । इस पर चिंतन मनन किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कल्पना के बगैर कोई साहित्य नहीं होता। परंतु बच्चों के लिए ऐसा साहित्य लिखा जाना चाहिए जो विश्वनीयता के दायरे में हो ।

प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजक मंडल के संरक्षक आकाश सारस्वत ने अपने उद् बोधन में कहा कि बालप्रहरी की ऑनलाईन कार्यशालाओं में बच्चे जहां साहित्य की विभिन्न विधाओं से जुड़ रहे हैं वहीं संचालक,मुख्य अतिथि तथा अध्यक्ष बतौर उनमें नेतृत्व की भावना जाग्रत हो रही है।

साहित्यकार डॉ. प्रभा पंत ने कहा कि आज के अभिभावक बच्चों को पाठ्यक्रम से बाहर की पुस्तकें नहीं देना चाहते हैं जबकि पाठ्यक्रम से बाहर की पुस्तकें तथा गैर शैक्षणिक गतिविधियों से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है । उन्होंने कहा कि आज बच्चों को दोष दिया जाता है कि बच्चे मोबाइल की ओर आकर्षित हो रहे हैं । बच्चे पुस्तकों से दूरी बना रहे हैं । एक साहित्यकार, शिक्षक तथा अभिभावक बतौर यदि बड़े लोग पुस्तकें पढ़ने की आदत बनाएंगे तो बच्चे जरूर पुस्तकों से जुड़ेंगे । कार्यक्रम का संचालन चैतन्य बिष्ट ने किया ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में बाल साहित्य संस्थान के सचिव उदय किरौला ने कार्यशाला की अवधारणा बताते हुए कहा कि बालप्रहरी की ऑनलाइन कार्यशालाओं से देश के 16 राज्यों के 2100 बच्चे जुड़े हैं । अभी तक लगभग 250 बच्चे संचालन कर चुके हैं । लगभग 1500 बच्चे अध्यक्ष तथा 150 बच्चे विशिष्ट अतिथि बतौर जुड़ चुके हैं । उन्होंने इसके लिए अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

Devbhoomi
From »

सुनील कुमार माथुर

स्वतंत्र लेखक व पत्रकार

Address »
33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

Devbhoomi Samachar

देवभूमि समाचार में इंटरनेट के माध्यम से पत्रकार और लेखकों की लेखनी को समाचार के रूप में जनता के सामने प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है।

Related Articles

3 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Verified by MonsterInsights