March 15, 2026

सिद्धार्थ गोरखपुरी

सिद्धार्थ गोरखपुरी जेहन का हर बोझ त्यागकर मन का हर इक संकोच त्यागकर भेद मैं मन के...
सिद्धार्थ गोरखपुरी कौन कहता है कठिन? आसान हो राधे! प्रेम की प्रमाणिकता का प्रमाण हो राधे! तुम्हारे...
सिद्धार्थ गोरखपुरी तेरे ही दिल में अबतक है मेरा बोरिया -बिस्तर ठहराव प्रिये तब भी क्यों होता...
सिद्धार्थ गोरखपुरी कमरे के अगले दरवाज़े से वो क्लास में पैठा करती थी लड़कियों वाली पहली पंक्ति...
सिद्धार्थ गोरखपुरी न पूछ के किस – किस तरहा से मजबूर हूँ अपनी रफ्तार से बस साढ़े...
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