यह आलेख देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बढ़ती मुनाफ़ाख़ोरी, निजी अस्पतालों की लूट और इंश्योरेंस के दुरुपयोग...
डॉ. प्रियंका सौरभ
केंद्रीय बजट 2026 आर्थिक अनुशासन और विकास की जरूरतों के बीच संतुलन साधने का प्रयास करता है।...
यह आलेख आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका, संघर्ष और उपेक्षा का गहन विश्लेषण करता है। लेखिका...
यह कविता भारतीय प्रजातंत्र की वर्तमान स्थिति पर तीखा और विचारोत्तेजक प्रश्न खड़ा करती है। भूख, बेघरपन,...
यह आलेख विश्व बालिका दिवस के संदर्भ में बालिकाओं के सम्मान, अधिकार और समानता की वास्तविक स्थिति...
कर्नाटक के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के निलंबन से जुड़े इस प्रकरण ने पुलिस व्यवस्था की नैतिकता,...
यह आलेख आधुनिक रिश्तों में बढ़ते भावनात्मक असंतुलन और स्वार्थ की प्रवृत्ति को उजागर करता है। संवेदनशीलता...
पढ़ाई और अनुशासन के नाम पर बढ़ता दबाव आज कई किशोरों को घर छोड़ने तक पर मजबूर...
कविता बुरे समय में रिश्तों की वास्तविकता और आत्ममंथन की प्रक्रिया को संवेदनशील शब्दों में उजागर करती...
नव वर्ष केवल तारीख बदलने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और समाज में संवेदनशील दृष्टि अपनाने का...














