
देहरादून के विकासनगर स्थित लखवाड़ बांध परियोजना स्थल पर भारी बारिश के दौरान पहाड़ से अचानक मलबा गिरने से बड़ा हादसा टल गया। खतरा भांपते ही जेसीबी चालक वाहन से कूदकर सुरक्षित निकल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मौसम चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने को लेकर कार्यदायी एजेंसी पर सवाल उठ रहे हैं, हालांकि कंपनी ने सभी सुरक्षा मानकों के पालन का दावा किया है।
- बारिश के बीच लखवाड़ परियोजना स्थल पर पहाड़ दरका, टला बड़ा हादसा
- जेसीबी चालक की सूझबूझ से बची जान, मलबा गिरने का वीडियो वायरल
- हाई अलर्ट के बीच बांध परियोजना में काम जारी रहने पर उठे सवाल
- लखवाड़ परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था पर बहस, कंपनी ने दी सफाई
देहरादून। यमुना घाटी में निर्माणाधीन लखवाड़ बांध परियोजना स्थल पर गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने लगे। मौके पर कार्य कर रहे एक जेसीबी चालक ने समय रहते खतरे को भांप लिया और वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद परियोजना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि तेज बारिश के बीच जेसीबी पहाड़ के बिल्कुल नजदीक मलबा हटाने का कार्य कर रही थी। इसी दौरान पहाड़ी का एक हिस्सा दरकने लगा और देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा नीचे आने लगा। चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पहले जेसीबी को पीछे हटाने का प्रयास किया, लेकिन खतरा बढ़ता देख तुरंत वाहन से बाहर कूद गया और सुरक्षित स्थान की ओर भाग निकला। कुछ ही क्षण बाद बड़ी मात्रा में मलबा उस स्थान पर आ गिरा, जहां कुछ समय पहले तक जेसीबी मौजूद थी।
घटना के दौरान वीडियो बना रहे व्यक्ति की आवाज भी रिकॉर्ड हुई है, जिसमें वह आरोप लगाता सुनाई देता है कि मौसम खराब होने के बावजूद अधिकारियों के निर्देश पर कार्य जारी रखा गया। वीडियो में वह कहता है कि “काम चलता रहे” के निर्देश दिए गए थे और जेसीबी चालक अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना ने परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। मौसम विभाग पहले ही क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को लेकर हाई अलर्ट जारी कर चुका था। जिला प्रशासन ने भी संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी थी। ऐसे में प्रतिकूल मौसम के दौरान निर्माण कार्य जारी रहने को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि चालक समय रहते वाहन से बाहर नहीं निकलता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
उधर, कार्यदायी एजेंसी एलएंडटी (L&T) ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परियोजना स्थल पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता है। कंपनी के महाप्रबंधक ए.पी. सिंह के अनुसार, बांध निर्माण स्थल पर जेसीबी के माध्यम से नियमित रूप से मलबा हटाने का कार्य किया जाता है और प्रत्येक कर्मचारी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियां निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप संचालित की जाती हैं और कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ ही कार्य कराया जाता है।
घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि मानसून के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और जोखिम प्रबंधन को किस प्रकार और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।





