सिद्धार्थ गोरखपुरी कमरे के अगले दरवाज़े से वो क्लास में पैठा करती थी लड़कियों वाली पहली पंक्ति...
सिद्धार्थ गोरखपुरी
सिद्धार्थ गोरखपुरी न पूछ के किस – किस तरहा से मजबूर हूँ अपनी रफ्तार से बस साढ़े...
सिद्धार्थ गोरखपुरी तुम मेरे हुए और सारे मशले हमारे हो गए मेरे यार! हम तो खुद के...
सिद्धार्थ गोरखपुरी चलो एक सिलसिला शुरू करते हैं खुद को खुद के रूबरू करते हैं खुद से...
सिद्धार्थ गोरखपुरी एक चेहरा अब तेरे जैसा लगता है सीरत से तो मेरे जैसा लगता है इश्क...
सिद्धार्थ गोरखपुरी कुछ तो पीर पराई लेकर चलना सीख गया हूँ मैं जमाने की अनेक रुसवाई लेकर...
सिद्धार्थ गोरखपुरी गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले जो टूट मैं गया तो रखना थोड़ा...
सिद्धार्थ गोरखपुरी ये मन अक्सर बुनता रहता है ,ख्वाबों का ताना बाना । दिल भी अक्सर छेड़े...
सिद्धार्थ गोरखपुरी श्याम के भक्तों ने कह डाला है अबतो श्याम से राधा की है पैरवी बस...
सिद्धार्थ गोरखपुरी एक उम्र खरच कर कुछ न मिला तुमको क्या पता सचमुच न मिला क्या हुआ...










