July 10, 2026

सिद्धार्थ गोरखपुरी

सिद्धार्थ गोरखपुरी मोहन! मुरली से प्रीत तुम्हारी अगाध अनन्त हुई कैसे प्रीत में पागल मीराबाई मन से...
सिद्धार्थ गोरखपुरी शिव का रंग चढ़ने लगा है शिवाला भी सजने लगा है भोले बाबा का गाना...
सिद्धार्थ गोरखपुरी वक्त कभी हालात नहीं समझता इश्क! मजहब, उमर, जात नहीं समझता खुदा की नजर में...
सिद्धार्थ गोरखपुरी जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँ मानो लगता है मुझको...
सिद्धार्थ गोरखपुरी सावन शिव हुए अवतरित धरती पर सावन में निज ससुराल गए हुआ अर्घ्य और जलाभिषेक...
सिद्धार्थ गोरखपुरी न गली दीजिए न शहर दीजिए मुझको तो बस मेरी खबर दीजिए मकां तो रहने...
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