July 10, 2026

सिद्धार्थ गोरखपुरी

[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : धृतराष्ट हुईं हैं सरकारें… असल बुद्धिजीवी वर्ग (मीडिया जगत ) बर्बरीक़...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : देखेगा… ज्यादा सामने आने से कतराना मुनासिब, गुस्सा हो जाये...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : ऐ थाना-ए-गुमशुदा, ऐ थाना-ए-गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरी, स्वप्न उलझे हैं ख्यालों...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] गीत : हे जगजननी, ढूंढले नैनो से भी माँ तुमको, निज अंतर्मन मन में...
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