[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : न पूछ… उड़ने आसमां में … आ गए तो शहर अंदर...
सिद्धार्थ गोरखपुरी
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : धृतराष्ट हुईं हैं सरकारें… असल बुद्धिजीवी वर्ग (मीडिया जगत ) बर्बरीक़...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : देखेगा… ज्यादा सामने आने से कतराना मुनासिब, गुस्सा हो जाये...
सिद्धार्थ गोरखपुरी https://devbhoomisamachaar.com/wp-content/uploads/2026/04/SM-Add-Apr-2026.mp4 अंतर्मन की चमक अब फीकी पड़ गयी है बाहरी चमक के आगे रंग -ए...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] अब कोई डॉक्टर ही बताए, हाल -ए -दिल उन्हें, दिलरुबा को हुआ...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] धुंधली शाम हो जाए, मैं दुनिया और लोगों से अतः आजिज हो आया...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : ऐ थाना-ए-गुमशुदा, ऐ थाना-ए-गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरी, स्वप्न उलझे हैं ख्यालों...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] गीत : हे जगजननी, ढूंढले नैनो से भी माँ तुमको, निज अंतर्मन मन में...
[box type=”success” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : मस्त मगन, मस्त मगन मैं रहना चाहूँ, खुद में झर -झर...
[box type=”success” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : मैं आस्तिक हूँ नास्तिक सा, आँख बंद करते ही आ...














