February 9, 2026

साहित्य लहर

यादों की गलियों में, कभी रूठना कभी मनाना, अम्मा-बाबू से जिद मनवाना, दिल भूल नहीं पाता है, यादों...
मख़मली इश्क की क़ायनात “अहद-ए-वफ़ा”, ‘प्यार करते हो” उक्त प्रस्तुति में प्रेमिका कहती हैं की इनकार भले...
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