लंबित वयोवृद्ध पत्रकार पेंशन प्रकरण में विलंब क्यों?

ओम प्रकाश उनियाल

वर्ष 2021 भी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है लेकिन अभी भी लंबित वयोवृद्ध पत्रकार पेंशन प्रकरण को हल करने की सरकार की मंशा का पता नहीं चल रहा है। पात्र वयोवृद्ध पत्रकार दुविधा में हैं एवं मुख्यमंत्री से पूरी आश लगाए बैठे हैं। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग ने 04 अगस्त 2021 को पत्रांक 390/सू एवं लो सं वि(प्रेस)-16/2015/ दिं 04 अगस्त 2021 के माध्यम से विज्ञप्ति जारी की थी।

जिसमें संकटाग्रस्त वयोवृद्ध पत्रकार पेंशन योजना में संशोधन किया गया था। नए आवेदनकर्ताओं को आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 31अगस्त 2021 दी गयी थी। सूची में 14 नवंबर 2019 को पेंशन समिति की बैठक में लंबित 25 वयोवृद्ध पत्रकारों के नाम हैं उन्हें पुन: आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है का उल्लेख किया गया था। सरकार को चाहिए था कि पहले जो लंबित प्रकरण की सूची में हैं उनको पेंशन स्वीकृत की जाती।

कुछ पत्रकार संगठनों ने पेंशन राशि बढा़ने की मांग भी उठायी थी जो कि जायज थी और पत्रकारों के हितार्थ थी। लेकिन जब इतने लंबे समय से लंबित प्रकरण ही नहीं सुलझ रहा है तो ऐसे में पेंशन राशि में वृद्धि की अपेक्षा करना तो बेकार है। इससे तो सरकार को टालने का एक और बहाना मिल जाएगा और फिर मामला लटक जाएगा।

सरकार द्वारा केवल सात वयोवृद्ध पत्रकारों को ही पेंशन दी जा रही है। एक माह का समय बीत चुका है। कहीं ऐसा न हो कि इसी प्रकार से मामला ठंडे बस्ते में चला जाए। वयोवृद्ध पत्रकारों के हाथ फिर निराशा ही हाथ लगे।

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