रील्स की रंगीन दुनिया और सेलिब्रिटी बनने का सपना

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वीरेंद्र बहादुर सिंह

एक लड़का और लड़की पहली बार मिले। लड़के ने लड़की से पूछा, “तुम क्या करती हो?” लड़की ने कहा, “मैं हीरोइन हूं।” लड़के ने हैरानी से आंखें फैला कर नया सवाल किया, “अच्छा, किस फिल्म में काम किया है?” लटकाझटका मारते हुए लड़की ने कहा, “मैं रील्स बनाती हूं।” अब नंबर लड़की का था। लड़की ने सवाल किया, “तुम क्या करते हो?” लड़के ने सीना फुला कर कहा, “मैं सैनिक हूं।” लड़की ने नया सवाल किया, “अच्छा, कहां पोस्टिंग है?” लड़के ने कहा, “मैं पबजी खेलता हूं।” इस तरह की रील्स आप ने कहीं न कहीं जरूर देखी होगी और कहीं न कहीं इस तरह का जोक भी सुना होगा। रील्स के पीछे आज का यंगस्टर्स क्रेजी है।

फिल्म, टेलीविजन, वेब सिरीज और इंटरटेनमेंट की दुनिया ऐसी है, जो हर किसी को एट्रैक करती है। हर आदमी का कभी न कभी तो ऐक्टिंग करने का मन हुआ ही होगा। तमाम लोगों को यह भी भ्रम होता है कि किसी फिल्म या सीरियल में काम करने का मौका मिल जाए तो दुनिया को दिखा दें कि वे भी कुछ कर सकते हैं। लड़कियां तो स्टाइल मारने में आगे ही होती हैं। अगर उनमें इस तरह की तमन्नाएं पैदा होती हैं तो कुछ गलत भी नहीं है। अब तक सवाल यह था कि छोटा तो छोटा, पर हमें फिल्म या सीरियल में रोल दे कौन? अब इसकी कोई जरूरत रही नहीं। आपको अभिनय का शौक पूरा करने के लिए रील्स हाजिर है।

रील्स में सब से बड़ा फायदा यह है कि डायलाग और म्युजिक हाजिर ही होता है। शूटिंग के लिए मोबाइल ही काफी है। शुरू कर दो एक्टिंग। अलबत्त, फ्यू सेकेंड के अभिनय में ही तमाम लोगों की समझ में यह आ जाता है कि एक्टिंग ये खाने का खेल नहीं। तमाम लोगों को यह रास भी आ जाती है। 2-4 को सेलिब्रिटी स्टेटस भी मिल जाता है। बाकी के सभी लाइक्स, फालोअर्स और व्यूज बढ़ाने के लिए झख मारते रहते हैं।

टिकटाॅक एप ने सभी को पागल कर दिया था। टिकटाॅक पर प्रतिबंध लगने के साथ ही इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया ने टिकटाॅक का ट्राफिक उन्हें मिले, इसके लिए प्रयास करना शुरू कर दिया था और उन्हें इसका फायदा भी हुआ। टिकटाॅक को टक्कर देने के लिए इंस्टाग्राम ने 5 अगस्त, 2002 को भारत और अमेरिका सहित 50 देशों में एक साथ रील्स लांच किया। अपने देश में रोजाना 6 मिलियन रील्स अपलोड होती है। रील्स ने इंस्टाग्राम और फेसबुक को जबरदस्त ब्रेक दिया है। 2018 में फेसबुक ने टिकटाॅक जैसा एप बनाया था। उसका नाम लासो था। पर वह चला नहीं था। इंस्टाग्राम ने प्रयोग के लिए नवंबर, 2019 में केनास नामक रील्स शुरू की थी। टिकटाॅक पर अपने देश में भले बैन लग गया है, पर टिकटाॅक आज की तारीख में 154 देशों में धूम मचा रहा है। कहने का मतलब यह है कि रील्स की ललक केवल अपने देश के लोगों में ही नहीं है। पूरी दुनिया इसके पीछे पागल है।

रील्स बनाने के लिए तो अब प्रोफेशनल भी मैदान में आ गए हैं। वे रील्स बना कर तो देते ही हैं, किस तरह फालोअर्स और व्यूज बढ़ते हैं, इसकी टिप्स भी देते हैं। एक निश्चित समय के दौरान ही रील अपलोड करने और मैक्सिमम हेशटेग रखने को कहा जाता है। रील्स की दुनिया में दो तरह के लोग हैं। एक जो रील्स बनाते हैं और अपलोड करते हैं, दूसरे वे जो मौज से रील्स देखते हैं। रील्स ऐसी चीज है कि देखने वाला एक बार शुरू करता है तो फिर छोड़ नहीं सकता। अभी एक-दो देख लेता हूं, सोच कर वह चिपका ही रहता है। फनी रील्स से ले कर शाकिंग रील्स का बहुत बड़ा वर्ग है। रील्स के हिट होने का एक कारण यह है कि लोग अपने काम और दूसरे की चिंताओं के कारण बहुत तनाव में रहते हैं। रील्स देखने से उन्हें हल्कापान महसूस होता है। डांस के रील्स खूब पॉपुलर हुए हैं। कुछ हजार व्यूज होने के बाद पेमेंट भी मिलता है। यूट्यूबर्स में भी आगे निकलने की होड़ लगी रहती है।

रील्स के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी काम करता रहता है। आप एक अमुक तरह की निश्चित रील्स देखते हैं तो आप के सामने उसी तरह की रील्स आती जाएगी। धार्मिक मोटिवेशन या शेरोशायरी की रील्स देखने वाले को बारबार उसी तरह की रील्स देखने को मिलेगी। आप एक रील्स को एक से अधिक बार देखते हैं तो उन्हें पता चल जाता है कि इस भाई या बहन को किस में रुचि है। आदमी को इतनी चालाकी से रील्स का आदी बना दिया जाता है कि घंटो कैसे बीत गए, उसे पता ही नहीं चलता। सोशल मीडिया संचालकों को हमेशा कुछ न कुछ नया देने का टेंशन रहता है। उन्हें इस बात का डर सताता रहता है कि कुछ नया नहीं आया तो लोग तुरंत डायवर्ट हो जाएंगे।

रील्स का कंटेंट तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर काम होता है। वह रील तुम ने देखी थी? झूठ बोले कौआ काटे कहा जाता है, पर सच बोले तो कहां कोयल किश करने वाली है? इस तरह के तमाम कंटेंट रोजना तैयार किए जाते हैं। जिन पर लोग रील्स बनाते हैं। श्रीलंका की यंगसिंगर योहानी दिलोका डिसल्वा का गाना ‘मनिके मागे हिथे’ पर हजारों लड़कियों ने सोलो और ग्रुप में डांस किए। श्रीलंका के रिपब्लिक डे ने 22 मई, 2021 को यह गाना यूट्यूब पर अपलोड किया था। इसके बाद यह वायरल हुआ। 28 साल की योहानी रातोरात पॉपुलर हो गई। इस तरह के तमाम उदाहरण हैं।

मणी, पोहे बनेंगें… वाली रील भी हिट हो गई थी। पशु-पक्षियों के शिकार से ले कर विमान के उड्डयन तक की रील्स लोगों को आकर्षित करती हैं। रील्स की एक हकीकत यह भी है कि यह जितनी तेजी से हिट और वायरल होती है, उससे अधिक तेजी से भुला दी जाती है। यह ऐसी दुनिया है, जो बहुत क्षणजीवी है। बदलती रहती है। नया आता है और पुराना भूलता जाता है। कुछ भी परमानेंट नहीं है। यंगस्टर्स के लिए यह बड़ा खतरा है। कुछ रील्स जबरदस्त चलने के बाद अगर व्यूअर्स घट जाएं या फालोअर्स न बढ़ें तो यंगस्टर्स टेंशन में आ जाते हैं। उन्हें अपना सेलिब्रिटी स्टेटस छिनता नजर आने लगता है।

रील्स का क्रेज ऐसा है कि लड़के-लड़कियां जहां देखो, वहीं रील्स बनाने लगते हैं। एयरपोर्ट हो या रेलवे-स्टेशन, हिल स्टेशन हो या हाईवे, मौका मिला नहीं कि रील बना लिया। मनोचिकित्सक ऐसे युवाओं को सलाह देते हैं कि जस्ट फाल फन अधिक करो, पर इसे दिमाग पर सवार न होने दो। एंज्वॉय करो, पर इतना याद रखो कि इससे महान नहीं हो जाओगे। हां, कुछ समय के लिए चर्चित जरूर हो सकते हो। पर यह टेम्परेरी होगा। मजा करो और लोग तुम्हें भूल जाएं, उसके पहले तुम भूल जाओ। रील्स देखने वालों को भी यह सलाह दी जाती है कि देखो और मजा करो, पर समय मर्यादा का ख्याल रखें। हाथ में मोबाइल ले कर बैठे ही न रहें। आपका समय आपके लिए, आपके काम के लिए और आपके लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। किसी भी चीज में अति ठीक नहीं है। बाय द वे, आप कितना समय रील्स बनाने में अपलोड करने में या देखने में गुजारते हैं? इस बारे में भी थोड़ा सोच कर देखना कि आप अपना समय तो बरबाद नहीं कर रहे न?


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

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वीरेंद्र बहादुर सिंह

लेखक एवं कवि

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जेड-436-ए, सेक्टर-12, नोएडा-201301 (उत्तर प्रदेश) मो: 8368681336

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

 

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