अपना साया, बेपनाह होकर हमारे साथ तुम सोयी यह यक़ीनन सबसे बड़ी मुहब्बत आधे पहर हम साथ...
साहित्य लहर
आदत है मुझे उजाले में भी सोने की, मैंने सिर्फ हाले दिल ही तो पूछा है। वे वजह...
कविता : घरौंदा, अमराइयों में किसी दुपहरी के पहर दिन बिताते अंधेरी रात में चांद को आंगन...
यादों की गलियों में, कभी रूठना कभी मनाना, अम्मा-बाबू से जिद मनवाना, दिल भूल नहीं पाता है, यादों...
बोनसाई, जब कोई तुम्हारी जड़ों से, धीरे धीरे काटे तुम्हीं को, जब कोई तुम्हारी शाख से, धीरे...
वर्तमान जीवन के यथार्थ को कैनवास पर चित्रित करती कहानियां, इसी प्रकार “पाप और पुण्य” शीर्षक कहानी...
मख़मली इश्क की क़ायनात “अहद-ए-वफ़ा”, ‘प्यार करते हो” उक्त प्रस्तुति में प्रेमिका कहती हैं की इनकार भले...
कविता : भ्रम टूट गया, अच्छा हुआ चलन नहीं रहा, अब किसी के विश्वास का, खुद के खुदा...
पुलकित तन को आनंदित करते “स्पंदन प्रेम के”… शब्दों की सुन्दरता हो या भावों का पैनापन दोनों...
लघुकथा : गलती का एहसास, कमरे की सारी अलमारियां किताबों से भरी पड़ी हैं सामान रखने के...














