कविता : बातों में मत उलझाओ हमें, रखी है जो पोटली बांध कर। दर्द वह गंगा में अभी...
साहित्य लहर
कविता : उस निगाह से देख, काफी करीब हैं हम…! बस एक कदम बढ़ाकर तो देख… एक...
कविता : फूलों की माला, हंसता हुआ चेहरा तुम्हारा, चारों दिशाओं में अब यह आकाश भीगा, सारा सर्दी के...
कविता : सब्जियों की खूबी…! खाएं greens करे fulfill dreams! Red palak दे ताकत! Cabbage भरपाई करे damage!...
कविता : राह बदलना ही जरूरी था, उसके हर खेल में हारा, खेल को मिटा दिया मैंने…….!...
कविता : जल बचाओ, ये है समय की पुकार, जल से हवा बसंती चलती है। जल से...
लघुकथा : स्लेट का रंग, उसकी मां और ने उसकी बातों को सुनकर उसे कहा कि गांव...
गीत : जर्रा-जर्रा, त्याग दिया मन की हर भाषा, आशा से तौबा कर डाला, मन से मन...
कविता: आंसुओं की धारा तू रूक क्यूँ गयी, मरूस्थल मे रोना, फसल मे हसंना, यहां तो…! ना...














