लघुकथा : पढ़ाई, कुमुद ने शादी की तो किताबें छूट गईं। बच्चों की मार्कशीट देख कर खुश...
साहित्य लहर
लघुकथा : अकेला, पहली बार किसी युवती से उसके दैहिक संबंध कायम हुए थे और रागिनी उससे...
खेतों में फैली हरियाली, खेतों में फैली हरियाली, मधुवन में खिले सुमन, तितली के पंखों पर हंसती,...
कविता : बहाना, बिल्कुल भरोसा नहीं रहा अब जमाने का, अब जमाना नहीं रहा हमें सताने का,...
उसके गालों में लट, हां चांदनी मे लिख सकती हूं! पर वो बाहर आती नहीं, सुना है उसे...
एक सच्चाई, कितना भी बलशाली क्यों न हो वह? या पुत्र किसी बाप का! आगे अपनी सोचो करने का...
आदत है मुझे उजाले में भी सोने की, मैंने सिर्फ हाले दिल ही तो पूछा है। वे वजह...
कविता : घरौंदा, अमराइयों में किसी दुपहरी के पहर दिन बिताते अंधेरी रात में चांद को आंगन...
यादों की गलियों में, कभी रूठना कभी मनाना, अम्मा-बाबू से जिद मनवाना, दिल भूल नहीं पाता है, यादों...














