
एसएससी ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने वाले गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैला मिला है। जांच में खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन लैब के सर्वर रूम में छेड़छाड़ कर परीक्षार्थियों को पास कराया जा रहा था। उत्तराखंड और यूपी एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में बड़े खुलासों और कई अहम गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
- देहरादून से नोएडा तक फैला SSC नकल गिरोह
- ऑनलाइन लैब बनाकर परीक्षाओं में सेंध लगा रहा था रैकेट
- चार लाख लेकर SSC परीक्षा पास कराने का खुलासा
- STF के रडार पर SSC घोटाले की बड़ी मछलियां
देहरादून: एसएससी ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने वाले संगठित गिरोह का नेटवर्क अब देशभर में फैला हुआ नजर आ रहा है। उत्तराखंड एसटीएफ के बाद अब यूपी एसटीएफ ने भी नोएडा स्थित एक ऑनलाइन परीक्षा लैब में छापेमारी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें देहरादून में दर्ज प्राथमिकी के दो वांछित आरोपी भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह एक तय पैटर्न के तहत ऑनलाइन परीक्षाओं में सेंधमारी कर अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से पास करा रहा था।
जांच में सामने आया है कि परीक्षा केंद्रों पर ऑनलाइन लैब स्थापित करने वाले कुछ लोगों ने ही सर्वर रूम तक विशेष पहुंच हासिल कर नकल का पूरा तंत्र विकसित किया। उत्तराखंड एसटीएफ को शुरुआत से ही इस पैटर्न की जानकारी मिल गई थी। फरवरी 2026 में देहरादून के एमकेपी कॉलेज स्थित “महादेव डिजिटल लैब” में छापेमारी कर नकल गिरोह का खुलासा किया गया था। कार्रवाई के बाद संबंधित लैब को बंद करा दिया गया।
एसटीएफ की जांच में यह भी पता चला कि गिरोह से जुड़े लोगों ने देशभर में करीब 500 ऑनलाइन लैब स्थापित की थीं। इनमें से 100 से अधिक लैब ऐसी थीं, जहां सर्वर रूम तक गिरोह के सदस्यों की पहुंच थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान सिस्टम में तकनीकी हस्तक्षेप कर अभ्यर्थियों को नकल कराई जाती थी और उन्हें पास कराने के बदले मोटी रकम वसूली जाती थी।
उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा साझा की गई सूचनाओं के आधार पर यूपी एसटीएफ ने भी नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई की। यहां एसएससी की सीएपीएफ, एसएसएफ और असम राइफल्स भर्ती परीक्षा में उसी तरीके से धांधली की जा रही थी जैसा देहरादून में सामने आया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अभ्यर्थियों से चार-चार लाख रुपये तक लेकर परीक्षा पास कराने का दावा किया जाता था।
नोएडा में हुई कार्रवाई के दौरान अमित राणा और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया, जो देहरादून मामले में लंबे समय से फरार चल रहे थे। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि यह नेटवर्क केवल उत्तराखंड या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में सक्रिय होकर भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता को प्रभावित कर रहा था।
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं के लिए देशभर में ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित करता है। ऐसे में इस घोटाले ने परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि संदिग्ध परीक्षा केंद्रों की दोबारा जांच होगी या कुछ परीक्षाओं को पुनः आयोजित करना पड़ सकता है।
उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि नोएडा में हुई कार्रवाई से देहरादून की जांच को भी मजबूती मिली है। एसटीएफ का दावा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़ी कई “बड़ी मछलियां” भी कानून के शिकंजे में होंगी और पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।








