जो कपड़े न पहने वो मुझे अच्छी लगती हैं : बाबा रामदेव

इस समाचार को सुनें...

जो कपड़े न पहने वो मुझे अच्छी लगती हैं : बाबा रामदेव, लेकिन बाबा तो आशाराम भी था और राम रहीम भी। जिन्होंने बाबा होने में सम्पूर्ण पीएचडी की डिग्री हासिल की थी और अभी इंटरव्यू के लिए अंदर गये हुये हैं।

देहरादून। बाबा रामदेव, शायद इनको बाबा रामदेव कहने से पूर्व कारोबारी रामदेव, लाला रामदेव या विवादित रामदेव कहना उचित होगा। रामदेव के विवादित बयान के आने के बाद वह सोशल मीडिया में फिर से छा गये हैं। कभी योग से लोगों का दिल जीत लेते हैं तो कभी शिल्पा शेट्टी को योगासन में लगा देते हैं।

बाबा रामदेव ज्ञानी भी हैं, योग गुरू भी हैं और आयुर्वेद में भी इनको महारत हासिल है। वर्तमान समय के हिसाब से देखें तो सोशल मीडिया के हीरो भी बाबा रामदेव हैं। हालांकि कभी-कभी इनको साड़ी पहनकर मंच से कूदकर भागना पड़ता है, लेकिन आज साड़ी से नफरत क्यों हो गयी इनको, जो ऐसा बयान दे दिया।

अभी हाल ही में महाराष्ट्र के ठाणे में एक योग शिविर के दौरान बाबा रामदेव ने विवादित बयान दिया। जिससे अब उनके बाबा होने पर भी शंका होने लगी है। हालांकि वह बहुत बड़े योग गुरू हैं, इसकी पुष्टि भी है और सत्य भी है, लेकिन बाबा तो आशाराम भी था और राम रहीम भी। जिन्होंने बाबा होने में सम्पूर्ण पीएचडी की डिग्री हासिल की थी और अभी इंटरव्यू के लिए अंदर गये हुये हैं।

मामले के अनुसार अभी बाबा रामदेव ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के साथ बैठकर एक अभद्र टिप्पणी की। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे भी मौजूद थे। वह टिप्पणी अभद्र है या नहीं, यह भी वही साबित करेंगे क्योंकि वह बाबा भी हैं, लाला भी और विवादित भी

बहरहाल, बाबा रामदेव के ‘महिलाएं कपड़े ना पहने तब भी अच्छी लगती हैं’ वाले बयान पर विवाद जारी है। अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा ने रामदेव के बयान की आलोचना की है। महाराष्ट्र के ठाणे में एक योग शिविर के दौरान महिलाओं के कपड़ों को लेकर बाबा रामदेव ने विवादास्पद टिप्पणी की, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है। रामदेव को एक योग शिविर में यह कहते हुए सुना गया कि महिलाएं साड़ी, सलवार सूट और कुछ भी न पहनने तब भी अच्छी लगती हैं।

वहीं दूसरी ओर, बाबा रामदेव की टिप्पणी की निंदा करते हुए, दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने कहा कि उन्हें महिलाओं का अपमान करने वाली अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बयान का वीडियो शेयर कर ट्वीट किया, ‘महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री जी की पत्नी के सामने स्वामी रामदेव द्वारा महिलाओं पर की गई टिप्पणी अमर्यादित और निंदनीय है। इस बयान से सभी महिलाएँ आहत हुई हैं, बाबा रामदेव जी को इस बयान पर देश से माफी मांगनी चाहिए।’


आदमखोर करतूतें : खोपड़ी उबाल कर सूप पीता था…


👉 देवभूमि समाचार में इंटरनेट के माध्यम से पत्रकार और लेखकों की लेखनी को समाचार के रूप में जनता के सामने प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है। अपने शब्दों में देवभूमि समाचार से संबंधित अपनी टिप्पणी दें एवं 1, 2, 3, 4, 5 स्टार से रैंकिंग करें।

जो कपड़े न पहने वो मुझे अच्छी लगती हैं : बाबा रामदेव, लेकिन बाबा तो आशाराम भी था और राम रहीम भी। जिन्होंने बाबा होने में सम्पूर्ण पीएचडी की डिग्री हासिल की थी और अभी इंटरव्यू के लिए अंदर गये हुये हैं।

लखनऊ की नशीली दवाओं का कारोबार, 6 अरेस्ट

Back to top button
error: Devbhoomi Samachar