
मधुशाला प्रकाशन, भरतपुर द्वारा सैनिक कवि गणपत लाल उदय के एकल काव्य संग्रह ‘दिल से सैनिक आत्मा से कवि’ का सफलतापूर्वक प्रकाशन किया गया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में कार्यरत उदय की यह चौथी प्रकाशित कृति है, जिसमें विभिन्न विषयों पर आधारित कविताओं का समावेश किया गया है। यह पुस्तक अमेज़न, फ्लिपकार्ट सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ई-बुक एवं पेपरबैक स्वरूप में उपलब्ध रहेगी।
- सैनिक कवि गणपत लाल उदय की चौथी काव्य कृति प्रकाशित
- देश सेवा के साथ साहित्य साधना का अनूठा संगम : गणपत लाल उदय
- मधुशाला प्रकाशन ने प्रकाशित किया ‘दिल से सैनिक आत्मा से कवि’
- अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध होगी सैनिक कवि उदय की नई पुस्तक
राजस्थान | राजस्थान के भरतपुर शहर, 112 दीनदयाल नगर, भरतपुर, पिनकोड नम्बर 321001 में स्थित मधुशाला प्रकाशन (जो कि एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है) द्वारा विगत कई वर्षों से विभिन्न विषयों पर एकल काव्य संग्रह, कहानी संग्रह, साझा संग्रह एवं सोलो पुस्तकों का प्रकाशन सफलतापूर्वक किया जाता रहा है। इसी क्रम में इस बार एकल काव्य संग्रह “दिल से सैनिक आत्मा से कवि” का प्रकाशन किया गया है।
इस काव्य संग्रह के लेखक एक सैनिक हैं, जिन्होंने देश सेवा के साथ-साथ साहित्य जगत में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। उन्हें सैनिक कवि गणपत लाल उदय के नाम से जाना जाता है। उदय, ग्राम अरांई, जिला अजमेर (राजस्थान) के निवासी हैं।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सैनिक होते हुए भी उदय ने एक लेखक एवं कवि होने की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। यह काव्य संग्रह सैनिक कवि उदय द्वारा रचित चौथा काव्य संग्रह है। इससे पूर्व उदय की तीन एकल पुस्तकें इंकलाब पब्लिकेशन, मुंबई (महाराष्ट्र) तथा रविना प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित हो चुकी हैं।
इस पुस्तक में सैनिक कवि उदय ने स्वतंत्र विषयों की विविध विधाओं एवं अभिव्यक्तियों का समावेश किया है। यह काव्य संग्रह अब अमेज़न, फ्लिपकार्ट आदि प्लेटफॉर्म पर ई-बुक एवं पेपरबैक स्वरूप में उपलब्ध रहेगा।
जय हिन्द, जय हिन्दी, जय हिन्दुस्तान।
News Source : सैनिक कवि गणपत लाल उदय, अजमेर (राजस्थान)
कार्यरत : मंडोली जेल (नई दिल्ली)
ईमेल : ganapatlaludai77@gmail.com







