
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को शुरू में हादसा माना गया, लेकिन जांच में यह सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस के अनुसार मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर कई सप्ताह पहले से साजिश रची थी। बाली ट्रिप के दौरान पासपोर्ट गायब होने की घटना से लेकर लोहागढ़ किले में हुई मौत तक कई अहम कड़ियां अब जांच में सामने आई हैं।
- पासपोर्ट चोरी से शुरू हुई साजिश, खाई में धकेलकर की गई हत्या
- शादी से पहले प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर ने रचा मौत का खेल
- हादसा नहीं हत्या थी, जांच में खुली केतन अग्रवाल हत्याकांड की परतें
- लोहागढ़ किले में कारोबारी की मौत का रहस्य सुलझा, मंगेतर गिरफ्तार
पुणे। महाराष्ट्र के बहुचर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में जांच आगे बढ़ने के साथ ऐसे खुलासे सामने आ रहे हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है। 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला एक सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में सामने आया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी ने मिलकर कई सप्ताह पहले से हत्या की योजना तैयार कर रखी थी।
पुलिस के अनुसार इस कथित साजिश की पहली कड़ी उस समय जुड़ी जब जून माह की शुरुआत में केतन और सिया की प्री-वेडिंग बाली यात्रा अचानक रद्द हो गई। दोनों परिवारों की सहमति से तय इस विवाह से पहले 6 जून को बाली में फोटोशूट और अवकाश यात्रा की योजना बनाई गई थी। मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद केतन को पता चला कि उसका पासपोर्ट गायब है, जबकि अन्य सभी यात्रियों के पास अपने-अपने दस्तावेज मौजूद थे। इस घटना के कारण यात्रा रद्द करनी पड़ी और केतन को वापस लौटना पड़ा।
जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि पासपोर्ट का गायब होना कोई सामान्य घटना नहीं थी। पूछताछ और एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर जांचकर्ताओं का दावा है कि सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट चुराकर नष्ट कर दिया था। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट जाने से पहले समूह एक होटल में रुका था, जहां पासपोर्ट को फाड़कर फेंक दिया गया। पुलिस का मानना है कि यह घटना आगे होने वाली बड़ी साजिश का हिस्सा थी। जांच में यह भी सामने आया है कि सिया गोयल कथित रूप से चेतन चौधरी के साथ संबंध में थी और वह केतन से विवाह नहीं करना चाहती थी। पुलिस के मुताबिक दोनों ने मिलकर केतन को अपने रास्ते की बाधा मान लिया था और उसे हटाने की योजना बना रहे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि 18 जून की घटना से पहले भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी।
सूत्रों के अनुसार 14 जून को लोहागढ़ किले के भ्रमण के दौरान एक कथित प्रयास किया गया, जिसमें केतन को खाई की ओर धकेलने की कोशिश हुई, लेकिन वह सुरक्षित बच निकला। हालांकि उस समय किसी को इस घटना के पीछे किसी साजिश का संदेह नहीं हुआ। चार दिन बाद 18 जून को केतन को फिर से लोहागढ़ किले ले जाया गया। पुलिस के अनुसार इस बार पूरी तैयारी के साथ कथित हत्या की योजना को अंजाम दिया गया। जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी अलग से वहां पहुंचा और बाद में समूह में शामिल हुआ। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन पर हमला किया और उसे गहरी खाई में धकेल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद शुरुआत में इसे दुर्घटना बताया गया। पुलिस ने भी प्रारंभिक स्तर पर दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था, क्योंकि सिया ने बयान दिया था कि केतन फोटो खींचते समय फिसलकर खाई में गिर गया। लेकिन बाद में परिस्थितिजन्य साक्ष्य, मोबाइल डेटा, बयानों में विरोधाभास और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर मामला पूरी तरह बदल गया। मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने भी कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बेटे की मौत के बाद सिया के व्यवहार ने परिवार को चौंका दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां परिवार शोक में डूबा हुआ था, वहीं सिया के व्यवहार में किसी प्रकार का दुख दिखाई नहीं दिया। इसी कारण परिवार को संदेह होने लगा कि घटना के पीछे कुछ और कहानी छिपी हुई है।
परिवार का कहना है कि फरवरी में दोनों की सगाई हुई थी और नवंबर में राजस्थान के एक भव्य स्थल पर विवाह प्रस्तावित था। ऐसे में अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। मृतक के पिता ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सिया विवाह नहीं करना चाहती थी तो वह स्पष्ट रूप से इनकार कर सकती थी, लेकिन हत्या जैसी गंभीर साजिश का रास्ता क्यों चुना गया। पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस कथित साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या किसी को इसकी पूर्व जानकारी थी।
फिलहाल यह मामला महाराष्ट्र के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड, यात्रा विवरण और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना है।







