
अयोध्या राम मंदिर में मिले चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान के दुरुपयोग से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अहम सुनवाई करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) ने शीर्ष अदालत में सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जबकि याचिकाओं में निष्पक्ष जांच, ट्रस्ट की जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता की मांग की गई है।
- राम मंदिर चढ़ावा मामले में आज सुप्रीम कोर्ट की अहम सुनवाई
- दान में कथित गड़बड़ी पर SIT की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल
- निर्मोही अखाड़े ने ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग दोहराई
- चढ़ावा मामले की जांच तेज, आरोपियों से बरामदगी और पूछताछ जारी
नई दिल्ली। अयोध्या स्थित राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान के दुरुपयोग से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अदालत के निर्देश के अनुसार अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में शीर्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। तीन सदस्यीय पीठ इस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आगे की जांच और आवश्यक निर्देशों पर विचार करेगी।
इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं। इससे पहले 13 जुलाई की सुनवाई में अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की SIT को जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से भी जवाब मांगा गया था। अदालत ने यह भी कहा था कि रिपोर्ट के अध्ययन के बाद आवश्यकता पड़ने पर आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चार अलग-अलग याचिकाएं लंबित हैं, जिनमें चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की गई है। कुछ याचिकाओं में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने तथा ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन के स्वतंत्र ऑडिट की मांग भी उठाई गई है।
मामले में निर्मोही अखाड़े ने भी सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग की है। अखाड़े का कहना है कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पर्याप्त जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा वर्ष 2019 में राम जन्मभूमि मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की भावना के अनुरूप व्यवस्था लागू की जाए।
उधर, जांच एजेंसियां कथित चढ़ावा गड़बड़ी की आपराधिक जांच भी आगे बढ़ा रही हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव से पूछताछ जारी है। पुलिस ने जांच के दौरान नकदी और कथित रूप से संदिग्ध धन से खरीदे गए कुछ सामान व वाहनों को भी जब्त किया है। जांच एजेंसियां चोरी हुए धन, अन्य संपत्तियों और संभावित नेटवर्क का पता लगाने के लिए आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं।
आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह होगा कि SIT की जांच अब तक किस चरण में पहुंची है, क्या जांच पर्याप्त और निष्पक्ष मानी जा सकती है तथा याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई स्वतंत्र जांच और जवाबदेही संबंधी मांगों पर आगे क्या दिशा-निर्देश दिए जाएं। अदालत के आदेश पर इस पूरे मामले की आगे की कानूनी और जांच प्रक्रिया निर्भर करेगी।








