देवदूत

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सुनील कुमार माथुर

समय भले ही बदल गया हो लेकिन सेवाभावी लोगों की आज भी कमी नहीं है। आज भी लोग निस्वार्थ भाव से सेवा का कार्य कर मानवता का परिचय दे रहे है । कहा भी जाता है कि जो खुद की मदद करता हैं भगवान उनकी मदद करता है ।

एक सेठजी शिवजी के बडे भक्त है ।‌ वे शिवजी की पूरी निष्ठा से सेवा करते थे । उनकी भक्ति की हर कोई सराहना करता था । समय की गाडी आपनी रफ्तार से चलती रहती हैऔर समय के साथ उनका कारोबार भी बढता गया ।

एक दिन सेठ जी किसी काम से बाहर गये तभी वापसी के दौरान एक वाहन चालक ने उनके स्कूटर को पीछे से टक्कर मार दी । टक्कर लगते ही सेठजी सडक पर गिर पडें और बेहोश हो गये । तभी पीछे से एक युवक देवदूत बनकर आया और सेठजी को टैक्सी में डालकर तत्काल हास्पिटल ले गया और समय पर उपचार कराकर सेठजी के परिजनों को सूचित कर अपना मानवता का धर्म निभाया ।

जब सेठजी को होश आया तो उन्होंनेे अपने आपकों अस्पताल में अपने परिजनों के बीच में घिरा पाया तो दंग रह गये कि मुझे यह क्या हो गया मैं यहां कब और कैसे आया । लेकिन सेठजी ने अपनी पीडा को देखकर भोलेनाथ का आभार व्यक्त किया जिसने समय पर किसी देवदूत को भेजकर उनकी रक्षा की

हमारे बड़े बुजुर्ग कहते है कि भगवान हर जगह नही जा सकते हैं लेकिन वे अपने दूत समय पर भेजकर अपना धर्म अवश्य निभाते है ।‌ तभी तो कहा जाता है कि मानों तो देवता है न मानों तो पत्थर है । फिर भी याद रखिए कि आप किसी में आस्था नहीं रखते हैं तो कोई बात नहीं लेकिन बिना वजह उस पर उल जलूल टिप्पणी भी न करे ।

चूंकि सबका अपना अपना धर्म है और आस्था , श्रध्दा और भक्ति के सहारे ही यह दुनियां चल रही है । अगर आपकी ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था है तो हर कदम पर आपका रखवाला आपकी मदद के लिए खड़ा है ।

हां इतना जरूर है कि आप कभी ईश्वर की परीक्षा लेने का प्रयास न करे । ईश्वर हर समय आपके साथ है । वे अपने भक्तों पर कभी भी आंच नही आने देते हैं । आस्था , श्रध्दा , विश्वास और जनता-जनार्दन ध्दारा किये जा रहे दान – पुणय का ही यह परिणाम है कि जब – जब संकट आता हैं या कोई परेशानी या पीडा आती है तो वह परमपिता परमात्मा ही हमारी रक्षा करता हैं । तभी तो कहा जाता है कि परमपिता परमात्मा हर जगह विराजमान है । बस आपकी उसके प्रति सच्ची आस्था होनी चाहिए ।


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

Devbhoomi
From »

सुनील कुमार माथुर

लेखक एवं कवि

Address »
33, वर्धमान नगर, शोभावतो की ढाणी, खेमे का कुआ, पालरोड, जोधपुर (राजस्थान)

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

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