
पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में भवानीपुर सीट पर तनाव के चलते CRPF और RAF की तैनाती बढ़ा दी गई। TMC और BJP कार्यकर्ताओं के बीच टकराव के बाद फ्लैग मार्च और ड्रोन निगरानी शुरू की गई। प्रशासन ने मतदाताओं को निर्भय होकर मतदान करने का संदेश दिया है।
- भवानीपुर में TMC-BJP टकराव के बाद सुरक्षा कड़ी
- चुनावी तनाव के बीच केंद्रीय बलों ने संभाली कमान
- ममता बनर्जी की सीट पर हाई अलर्ट, ड्रोन से निगरानी
- भवानीपुर बना हॉट सीट, वोटिंग से पहले सुरक्षा सख्त
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के बीच राजधानी कोलकाता की चर्चित भवानीपुर सीट एक बार फिर राजनीतिक हलचल का केंद्र बन गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट मानी जाने वाली भवानीपुर में मतदान से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को इलाके में तैनात किया गया है, जबकि पूरे क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालकर लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया।
दरअसल, भवानीपुर के चक्रबेरिया रोड इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच आमना-सामना हो गया। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और RAF को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा और मानव श्रृंखला बनाकर भीड़ को अलग किया गया।
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी। 28 अप्रैल को CRPF ने पूरे भवानीपुर में फ्लैग मार्च किया, ताकि आम मतदाताओं को यह संदेश दिया जा सके कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों के बीच टकराव से आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
चुनाव आयोग ने भी भवानीपुर की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष निगरानी के इंतजाम किए हैं। इलाके की संकरी गलियों और बहुमंजिला इमारतों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
भवानीपुर सीट को इस चुनाव में बेहद अहम माना जा रहा है। यहां से ममता बनर्जी चुनावी मैदान में हैं, जबकि उनके मुकाबले में भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी भी चुनौती पेश कर रहे हैं। इस सीट का परिणाम केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक रुझान को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है।
चार मई को आने वाले चुनाव परिणाम तय करेंगे कि राज्य में सत्ता बरकरार रहेगी या बदलाव की नई पटकथा लिखी जाएगी। फिलहाल, भवानीपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर प्रशासन का पूरा फोकस है।








