March 14, 2026

सिद्धार्थ गोरखपुरी

सिद्धार्थ गोरखपुरी शिव का रंग चढ़ने लगा है शिवाला भी सजने लगा है भोले बाबा का गाना...
सिद्धार्थ गोरखपुरी वक्त कभी हालात नहीं समझता इश्क! मजहब, उमर, जात नहीं समझता खुदा की नजर में...
सिद्धार्थ गोरखपुरी जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँ मानो लगता है मुझको...
सिद्धार्थ गोरखपुरी सावन शिव हुए अवतरित धरती पर सावन में निज ससुराल गए हुआ अर्घ्य और जलाभिषेक...
सिद्धार्थ गोरखपुरी न गली दीजिए न शहर दीजिए मुझको तो बस मेरी खबर दीजिए मकां तो रहने...
सिद्धार्थ गोरखपुरी किसी से बात कहनी हो किसी की बात सुननी हो मानवता और मुझमें से अगर...
सिद्धार्थ गोरखपुरी गलतफहमी है के अलाव सा है पिता घना वृक्ष है पीपल की छाँव सा है...
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