सिद्धार्थ गोरखपुरी वक्त कभी हालात नहीं समझता इश्क! मजहब, उमर, जात नहीं समझता Government Advertisement... https://devbhoomisamachaar.com/wp-content/uploads/2026/01/Video-Nivesh_UK.mp4 खुदा...
सिद्धार्थ गोरखपुरी
सिद्धार्थ गोरखपुरी जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँ मानो लगता है मुझको...
सिद्धार्थ गोरखपुरी सावन की बौछार यार तन – मन को भिगाती है मस्त फुहारें इस सावन की...
सिद्धार्थ गोरखपुरी सावन शिव हुए अवतरित धरती पर सावन में निज ससुराल गए हुआ अर्घ्य और जलाभिषेक...
सिद्धार्थ गोरखपुरी न द्वापर में हुए न कलयुग में हुए बताओ न? राधा के तुम किस युग...
सिद्धार्थ गोरखपुरी न गली दीजिए न शहर दीजिए मुझको तो बस मेरी खबर दीजिए मकां तो रहने...
सिद्धार्थ गोरखपुरी किसी से बात कहनी हो किसी की बात सुननी हो मानवता और मुझमें से अगर...
सिद्धार्थ गोरखपुरी गलतफहमी है के अलाव सा है पिता घना वृक्ष है पीपल की छाँव सा है...
सिद्धार्थ गोरखपुरी न जीभ है न कंठ है कहने का न कोई अंत है दिखने में महज...
सिद्धार्थ गोरखपुरी रह-रह कर ये अक्सर सवाल आता है के क्या कभी मेरा भी खयाल आता है...













