
देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (FRI) को चार महीने बाद पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया है। संस्थान प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से बंद किए गए परिसर में अब नई शुल्क व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत भारतीय और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश व संग्रहालय शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। छात्रों और वाहनों के लिए भी नई शुल्क दरें निर्धारित की गई हैं।
- सुरक्षा कारणों से बंद FRI में फिर शुरू हुई पर्यटकों की एंट्री
- FRI संग्रहालय देखने के लिए अब जेब करनी होगी ढीली
- विदेशी पर्यटकों के लिए FRI में बढ़ा शुल्क, नई दरें लागू
- देहरादून का FRI आज से खुला, पार्किंग शुल्क भी बढ़ाया गया
देहरादून: चार महीने से बंद पड़ा वन अनुसंधान संस्थान (FRI) सोमवार से एक बार फिर पर्यटकों और आगंतुकों के लिए खोल दिया गया है। सुरक्षा कारणों के चलते 16 जनवरी 2026 को संस्थान को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया था, लेकिन अब संस्थान प्रशासन ने नई व्यवस्था और संशोधित शुल्क के साथ इसे दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। एफआरआई खुलने से पर्यटकों, छात्रों और शोधार्थियों में उत्साह देखा जा रहा है। संस्थान प्रशासन की ओर से जारी नई शुल्क सूची के अनुसार अब पैदल आने वाले भारतीय नागरिकों को प्रवेश के लिए 100 रुपये चुकाने होंगे।
वहीं संग्रहालय देखने के लिए अतिरिक्त 150 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रवेश शुल्क 1000 रुपये तय किया गया है, जबकि संग्रहालय भ्रमण के लिए उन्हें 1500 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। एफआरआई प्रशासन ने वाहन पार्किंग शुल्क में भी बदलाव किया है। स्कूटर और बाइक पार्किंग के लिए 50 रुपये, निजी कार या टैक्सी के लिए 150 रुपये निर्धारित किए गए हैं। ऑटो रिक्शा के लिए 100 रुपये और बस या ट्रक के लिए 300 रुपये पार्किंग शुल्क तय किया गया है। नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद पर्यटकों को अब पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी।
संस्थान की प्रभारी निदेशक ऋचा मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एफआरआई को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। अब सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के बाद इसे फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि संस्थान की ऐतिहासिक और शैक्षिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों के लिए विशेष रियायत भी दी गई है। स्कूली बच्चों से संग्रहालय प्रवेश के लिए 30 रुपये प्रति छात्र शुल्क लिया जाएगा, जबकि कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए यह शुल्क 50 रुपये प्रति छात्र निर्धारित किया गया है।
संस्थान का मानना है कि इससे छात्र प्राकृतिक संसाधनों, वन विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी जानकारियों को करीब से समझ सकेंगे। देहरादून का एफआरआई देश के प्रमुख पर्यटन और शैक्षणिक स्थलों में शामिल है। इसकी ऐतिहासिक इमारत, विशाल हरित परिसर और संग्रहालय देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। चार महीने बाद दोबारा खुलने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।








