
यह आलेख आत्म-चिंतन और आत्मनिर्भरता का संदेश देता है। इसमें बताया गया है कि जीवन की समस्याओं का समाधान हमारे भीतर ही मौजूद होता है। सफलता और खुशी का मार्ग स्वयं को पहचानने और अपनी सोच बदलने से ही संभव है।
- अपनी तकदीर खुद लिखो
- समाधान आपके भीतर है
- आत्मविश्वास से सफलता की राह
- जीवन का सच्चा मार्गदर्शक: आप स्वयं
अशोक शर्मा
जीवन के इस कर्मपथ पर दूसरे आपको केवल मार्ग दिखा सकते हैं, लेकिन उस पर चलना तो स्वयं आपको ही होगा। इस पूरी दुनिया में केवल एक ही इंसान आपकी तकदीर बदल सकता है। इस पूरी दुनिया में केवल एक व्यक्ति ही आपके प्रत्येक प्रश्न का उत्तर और आपकी सभी समस्या का हल निकाल सकता है, वो कोई दूसरा नहीं केवल और केवल आप ही हो। केवल आप ही वो व्यक्ति हो जिसके पास आपकी प्रत्येक समस्या का समाधान है।
आप ही इस दुनिया के वो इकलौते व्यक्ति हैं, जो आपकी तकदीर बदलने की सामर्थ्य रखता है और आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। आप ही इस दुनिया के वो एकमात्र व्यक्ति हैं, जो आपके जीवन को आनंदमय बना सकता है। कभी आप उस व्यक्ति को खोज रहे हों जो सभी प्रकार से आपको संभाल सके, तो धीरे से उठकर आइने के सामने चले जाना, आपको स्वतः अपने सभी प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे।
जब तक अपनी परेशानियों की वजह दूसरे को मानने की सोच बनी रहेगी, तब तक निश्चित रूप से मान कर चलिए, नित नई परेशानियाँ सामने खड़ी मिलेंगी। प्रथम बात, परेशानी व्यक्ति की व्यक्तिगत सोच पर आधारित होती है। दूसरी बात, परेशानियों का सामना करने का हौसला यदि मन में है, तब वही परेशानियाँ नित नई सफलताओं के सुखद अनुभव देकर जाती हैं।





