
देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में बकरीद का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की जा रही है, जबकि पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने शहर को पांच जोन और 11 सेक्टर में बांटकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। प्रशासन ने सोशल मीडिया निगरानी बढ़ाने के साथ खुले में कुर्बानी और अवशेषों के परिवहन पर भी सख्त रोक लगाई है।
- ईद-उल-अजहा पर मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़े नमाजी
- बकरीद को लेकर बाजारों में देर रात तक रही खरीदारी की रौनक
- सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
- देहरादून में संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
देहरादून। त्याग, समर्पण और बलिदान के प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व आज पूरे उत्तराखंड में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी देहरादून सहित प्रदेशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से नमाज अदा की जा रही है। पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। देहरादून पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शहर को पांच जोन, 11 सेक्टर और 35 सब सेक्टर में विभाजित किया है।
बकरीद को लेकर मुस्लिम समुदाय में विशेष उत्साह देखने को मिला। बुधवार को देहरादून के प्रमुख बाजारों—पलटन बाजार, धामावाला, चकराता रोड और आसपास के क्षेत्रों में देर रात तक खरीदारी की रौनक बनी रही। कपड़ों, सेवइयों, इत्र और अन्य पारंपरिक वस्तुओं की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। वहीं मंडियों में बकरों की खरीदारी भी पूरे दिन जारी रही। आज सुबह से शहर की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में अलग-अलग समय पर नमाज अदा की जा रही है। मुख्य नमाज चकराता रोड स्थित ऐतिहासिक ईदगाह में हुई, जहां हजारों की संख्या में अकीदतमंद पहुंचे।
इसके अलावा सुभाष नगर, माजरा, धामावाला, मुस्लिम कॉलोनी, कारगी और ईसी रोड स्थित मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा कर देश और प्रदेश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। देहरादून के शहर काजी मुफ्ती हशीम अहमद कासमी ने समुदाय से अपील करते हुए कहा कि ईद की नमाज, कुर्बानी और अन्य धार्मिक कार्य शरीअत, कानून और स्वच्छता के दायरे में रहकर किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कुर्बानी के बाद साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए और जानवरों के अवशेष खुले स्थानों पर न फेंके जाएं।
बकरीद के मद्देनजर देहरादून पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को दी गई है, जबकि सेक्टरों में निरीक्षक और थाना प्रभारियों तथा सब सेक्टरों में उपनिरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में गश्त और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खुले में कुर्बानी देने और अवशेषों को खुले में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
त्योहार से पहले सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति और सर्वधर्म समुदाय के लोगों के साथ बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। साथ ही मुस्लिम समुदाय से निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी करने और सड़क पर नमाज न पढ़ने का अनुरोध किया गया। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि पूर्व में विवादों में शामिल रहे और गौकशी या अवैध पशु कटान से जुड़े लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिशों को रोका जा सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ या झूठी पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप ने भी पर्व को लेकर सभी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी नई परंपरा या गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी और पूर्व निर्धारित एसओपी के अनुसार ही सभी कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे। पुलिस और प्रशासन का पूरा फोकस त्योहार को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर है।





