देश-विदेश में प्रसिद्ध है शेरशाह का मकबरा

इस समाचार को सुनें...

राजीव कुमार झा

बिहार में सासाराम शेरशाह के मकबरे के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है। हमारे देश के मुस्लिम शासकों में शेरशाह का नाम प्रमुख है। उसने मुगल बादशाह हुमायूं को हराकर दिल्ली में अपना शासन स्थापित किया था। शेरशाह का जन्म सासाराम में हुआ था और उसके पिता यहां के जागीरदार थे। इनका मकबरा यहां स्थित है और इसका स्थान मध्यकाल के ऐतिहासिक स्मारकों में महत्वपूर्ण है। यह एक विशाल तालाब के बीच में स्थित है और आकर प्रकार में अष्टाकोणीय इस मकबरे को अफगान स्थापत्य शैली के स्मारकों में विशिष्ट स्थान प्राप्त है।

शेरशाह के मकबरे का गुंबद काफी विशाल है। बीजापुर के गोलगुंबद के बाद व्यास के आकार की दृष्टि से इस मकबरे का गुंबद मध्यकाल के स्मारकों में दूसरा सबसे बड़ा गुंबद माना जाता है। इस मकबरे में मुख्य कक्ष में शेरशाह और उनके परिवार के लोगों की कब्रें स्थित हैं। इसके बाहर चारों ओर सुंदर चौड़े बरामदे बने हैं। शेरशाह के इस मकबरे की सुंदरता अद्भुत है। यह तालाब के बीच एक ऊंचे चबूतरे पर स्थित है और यहां आने के लिए तालाब के बीच से सुदर रेलिंगदार रास्ता बना हुआ है.

यह मकबरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की देख-रेख में है और इसके भीतर आने से पहले दर्शकों को प्रवेश टिकट भी खरीदना पड़ता है। सासाराम एक छोटा सा सुंदर शहर है और यह बिहार में रोहतास जिले का मुख्यालय भी है। दीनदयाल उपाध्याय नगर और गया के बीच डेहरी आन सोन और भभुआ के बीच स्थित इस स्टेशन पर इस रूट से गुजरने वाली तमाम प्रमुख रेलगाड़ियों का ठहराव है।

इस नगर के बाहर कैमूर पर्वतमाला का सुंदर दृश्य दिखाई देता है। सड़क मार्ग से भी बनारस और पटना से सासाराम पहुंचना आसान है। अब सासाराम-आरा रेलमार्ग चालू हो जाने से इस रास्ते से भी यहां आना संभव हो गया है। शेरशाह के मकबरे को देखने के लिए दूर – दूर से लोग यहां आते हैं और उनके ठहरने के लिए सासाराम में कई तरह के होटल भी हैं।


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

Devbhoomi
From »

राजीव कुमार झा

कवि एवं लेखक

Address »
इंदुपुर, पोस्ट बड़हिया, जिला लखीसराय (बिहार) | Mob : 6206756085

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Content is protected !!