कविता : दीप जलाएं

इस समाचार को सुनें...

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

आओ सब जन मिलकर दीप जलाएं ।
अंधेरा मिटाकर उजाला घर ले आएं ।।

आओ सब जन मिलकर रंगोली सजाएं ।
घर – आंगन में ढेरों खुशियां बिखराएं ।।

रात अमावस की काली – काली तो क्या
दीपशिखा से कोना -कोना करें प्रकाशित,
आओ सब जन मिलकर दिवाली मनाएं ।।

हृदय से झूठ, छल, कपट सब मिटाएं ।
बस प्रेम के दीपक सदा घर-घर जलाएं ।।

मन में लेकर मधुरता खूब मुस्कुराएं ।
मिटाके तिमिर, ज्योतिर्मय सब होजाएं ।।

आओ सब जन मिलकर दीप जलाएं ।
नभ – मंडल तक खुशियां बिखराएं ।‌।

👉 देवभूमि समाचार के साथ सोशल मीडिया से जुड़े…

WhatsApp Group ::::
https://chat.whatsapp.com/La4ouNI66Gr0xicK6lsWWO

FacebookPage ::::
https://www.facebook.com/devbhoomisamacharofficialpage/

Linkedin ::::
https://www.linkedin.com/in/devbhoomisamachar/

Twitter ::::
https://twitter.com/devsamachar

YouTube ::::
https://www.youtube.com/channel/UCBtXbMgqdFOSQHizncrB87A


¤  प्रकाशन परिचय  ¤

Devbhoomi
From »

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

लेखक एवं कवि

Address »
संचालक, ऋषि वैदिक साहित्य पुस्तकालय | ग्राम रिहावली, डाकघर तारौली गुर्जर, फतेहाबाद, आगरा, (उत्तर प्रदेश) | मो : 9627912535

Publisher »
देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Devbhoomi Samachar