इस्तीफा देना होगा डीएवी के शिक्षकों को

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इस्तीफा देना होगा डीएवी के शिक्षकों को, जिनका प्राचार्य के आदेश के बाद छात्र संगठन राजनीति या मुख्य धारा राजनीति से माया-मोह भंग होने वाला है। राजनीति की रसमलाई खाने की होड़ में लगे शिक्षकों ने अंदरखाने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है।

देहरादून। देवभूमि उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी देहरादून में एक अच्छी पहल का जन्म हो रहा है। जिसके अन्तर्गत यह देखा जा रहा है कि शिक्षा और राजनीति को अलग-अलग करने का रास्ता देखा जा रहा है। जैसा कि देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में देखने को मिला है। जहां प्राचार्य ने नेतागिरी और शिक्षा की डोरियों को अलग-अलग रास्ता दिखाने का प्रयास किया गया है।

दरअसल, डीएवी प्राचार्य डॉ. केआर जैन ने एक आदेश जारी किया है। जिसमें साफ तोर पर कहा गया है कि सभी शिक्षकों को इस बात की शपथ लिखित में लेनी होगी कि वह किसी भी राजनीतिक या धार्मिक संगठन से नहीं जुड़े हैं। यह शपथ उन्हें 26 नवंबर तक लेनी होगी। इसके बाद अगर कोई भी शिक्षक किसी संगठन में सक्रिय पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्राचार्य के अनुसार, देहरादून में डीएवी पीजी कॉलेज के शिक्षकों की नेतागिरी पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भाजपा, एबीवीपी आदि संगठनों और धार्मिक संगठनों से जुड़े शिक्षकों को 26 नवंबर तक इस्तीफा देना होगा। उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि प्रत्येक शिक्षक को कॉलेज में यह घोषणापत्र जमा करना होगा कि वह किसी भी राजनीतिक या धार्मिक संगठन से नहीं जुड़े हैं।

प्रदेश की मुख्य धारा की राजनीति हो या छात्र राजनीति, डीएवी कॉलेज की सहभागिता दोनों में रहती है। एक ओर जहां कॉलेज से पासआउट छात्रों ने मुख्य धारा तक की राजनीति में नए आयाम छुए हैं तो वहीं कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षकों ने विधानसभा तक के चुुनाव लड़े हैं। कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन खुद भाजपा में पदाधिकारी रह चुके हैं।

इन शिक्षकों पर गिर सकती है गाज

  • डॉ. कौशल कुमार- राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, एबीवीपी
  • डॉ. डीके शाही – राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, एबीवीपी
  • डॉ. हरिओम – नगर अध्यक्ष, एबीवीपी (इस्तीफा दिया लेकिन अभी स्वीकार नहीं हुआ)
  • डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा- प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, एबीवीपी
  • डॉ. शशि किरण सोलंकी- नगर उपाध्यक्ष, एबीवीपी
  • डॉ. प्रदीप जोशी- प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ
  • डॉ. जसविंदर गोगी- महानगर कार्यवाहक अध्यक्ष, कांग्रेस
  • डॉ. आरके पाठक- प्रदेश सचिव, समाजवादी पार्टी
  • डॉ. राम विनय- संस्कृत आयाम प्रमुख, एबीवीपी
  • डॉ. एसी बाजपेई- सदस्य, एबीवीपी
  • डॉ. जेबीएस रौथाण- नगर कार्यकारिणी सदस्य, एबीवीपी
  • डॉ. डीके त्यागी- वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कांग्रेस बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ

प्राचार्य के आदेश से शिक्षक परेशान

यह केवल उन शिक्षकों का हाल है, शिक्षा के क्षेत्र में होते हुये दो नाव में पांव पसारे बैठे हुये हैं। जिनका प्राचार्य के आदेश के बाद छात्र संगठन राजनीति या मुख्य धारा राजनीति से माया-मोह भंग होने वाला है। राजनीति की रसमलाई खाने की होड़ में लगे शिक्षकों ने अंदरखाने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षकों को कहना है कि पूर्व में कभी प्रबंधन ने इस तरह की रोक नहीं लगाई। इसी प्रबंधन के डीएवी इंटर कॉलेज व डीबीएस पीजी कॉलेज के भी कई शिक्षक विभिन्न संगठनों से जुड़े हुए हैं लेकिन डीएवी में विशेषतौर पर यह रोक लगाई गई है।

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इस्तीफा देना होगा डीएवी के शिक्षकों को, जिनका प्राचार्य के आदेश के बाद छात्र संगठन राजनीति या मुख्य धारा राजनीति से माया-मोह भंग होने वाला है। राजनीति की रसमलाई खाने की होड़ में लगे शिक्षकों ने अंदरखाने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है।

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