[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] अब कोई डॉक्टर ही बताए, हाल -ए -दिल उन्हें, दिलरुबा को हुआ...
सिद्धार्थ गोरखपुरी
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] धुंधली शाम हो जाए, मैं दुनिया और लोगों से अतः आजिज हो आया...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : ऐ थाना-ए-गुमशुदा, ऐ थाना-ए-गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरी, स्वप्न उलझे हैं ख्यालों...
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] गीत : हे जगजननी, ढूंढले नैनो से भी माँ तुमको, निज अंतर्मन मन में...
[box type=”success” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : मस्त मगन, मस्त मगन मैं रहना चाहूँ, खुद में झर -झर...
[box type=”success” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : मैं आस्तिक हूँ नास्तिक सा, आँख बंद करते ही आ...
[box type=”success” align=”alignleft” class=”” width=”100%”] कविता : तेरा-मेरा ज़ब भाग अलग, दीपक में तेल असीमित है तेरे...
कविता : दुआ बख्शे या बद-दुआ बख्शे, उसकी फ़ितरत बदली है अभी, उसकी आदतें कहाँ सम्भली है...
गीत : गरीबी… भविष्य के भरोसे रात गुजर जाती है, जिंदगी एक बार फिर से मुकर जाती...
कविता : इक मर्द दिखाई देता है, करुणा कलित हृदय में पीड़ा डेरा डाले सोती है, अनेक...













