July 14, 2026

साहित्य लहर

राजेश ध्यानी ‘सागर’ स्यां घसेरी बोलि नी ग्यें शांनि कै ग्ये आंख्यू ना भोंल़ ओंल़ घास ली...
राजेश ध्यानी ‘सागर’ जिदंगी इतनी पिलादे यार मैं सो ना सकूं जिसको सींने से लगाया वो खांमोश...
विकास कुमार दाउदनगर, औरंगाबाद | मो : 8864053595 दुश्मन की गोलियों का सामना करेंगे! आजाद ही है...
सिद्धार्थ गोरखपुरी जब भी इस दुनिया से मैं खुद को साझा करता हूँ मानो लगता है मुझको...
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा खेतों में, खलियानों में, सावन को बरसते देखा है । झर-झर झरती बूंदें...
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