
मेरठ में गढ़वाल सभा द्वारा अमर शहीद श्रीदेव सुमन जयंती की पूर्व संध्या पर “एक शाम सुमन जी के नाम” सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने श्रीदेव सुमन के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध कलाकारों ने लोकगीत, भजन और हास्य प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
- गढ़वाल सभा मेरठ ने सांस्कृतिक कार्यक्रम से याद किए श्रीदेव सुमन
- भव्य आयोजन में कलाकारों ने बांधा समां, गूंजे गढ़वाली गीत
- श्रीदेव सुमन के संघर्ष और बलिदान को वक्ताओं ने किया नमन
- मेरठ में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच अमर शहीद को दी श्रद्धांजलि
मेरठ: गढ़वाल सभा (पंजी.) मेरठ के तत्वावधान में अमर शहीद श्रीदेव सुमन जयंती की पूर्व संध्या पर रविवार को “एक शाम सुमन जी के नाम” भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कम्युनिटी हॉल, पाण्डव नगर में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उत्तराखण्ड समाज के लोगों ने भाग लेकर अमर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वक्ताओं ने अमर शहीद श्रीदेव सुमन के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि श्रीदेव सुमन केवल उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने टिहरी रियासत की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा किया और जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
सभा में बताया गया कि अन्याय और अत्याचार के विरोध में श्रीदेव सुमन ने 84 दिन तक ऐतिहासिक भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद उन्होंने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत मिसाल है। युवाओं से उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान भी किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। कलाकार जीतू पहाड़ी ने गढ़वाली भजन एवं लोकगीत “तुझे वाद छ जौनसार की कड़ी ली” और “वसन्ती बौ” प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बॉलीवुड कलाकारों की मिमिक्री कर कार्यक्रम में हास्य का रंग भी भर दिया।
गायक हेमन्त विष्ट ने लोकप्रिय गढ़वाली गीत “हिलमा चाँदी के वरना इंगा रे दूंगा” प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। हास्य कलाकार सन्दीप छिलबिट ने अपने व्यंग्य और हास्य अभिनय से दर्शकों को खूब हंसाया। वहीं अरमन ने की-बोर्ड पर, रोहित मन्दरबाल ने ढोलक वादन से और आदिश डबराल ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती लक्ष्मी जुयाल और अध्यक्षा श्रीमती हेमा थपलियाल रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आलम सिंह पंवार ने की। इस अवसर पर संयोजक आचार्य प्रदीप सेमवाल, सहसंयोजक अनिल दत्त उनियाल, महामंत्री आचार्य राकेश चन्द्र बसलियाल, सांस्कृतिक मंत्री श्रीमती नीलम पंत तथा कोषाध्यक्ष मंत्री ऋषिराज उनियाल सहित गढ़वाल सभा की पूरी कार्यकारिणी मौजूद रही।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में चन्द्र प्रकाश शर्मा, भैरव दत्त चमोली, डॉ. अमर सिंह राणा, राजपाल गुसांई, मोहन सिंह नेगी, दिनेश रावत, भगवान सिंह रावत, श्रीमती रेखा रावत और श्रीमती लक्ष्मी जखमोला समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में गढ़वाल सभा मेरठ के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।








