
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। यमुनोत्री पैदल मार्ग का हिस्सा धंस गया, हाईवे पर बोल्डर गिरने से दो कांवड़ यात्री घायल हो गए, जबकि टिहरी की नौ सड़कें बंद हैं और जौलीग्रांट-डोईवाला क्षेत्र में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- यमुनोत्री पैदल मार्ग धंसा, हाईवे पर बोल्डर गिरने से मची अफरातफरी
- टिहरी में मलबा-बोल्डर से नौ ग्रामीण सड़कें बंद, राहत कार्य जारी
- डोईवाला में बरसाती खाले का उफान, हाईवे और घरों में घुसा पानी
- उत्तराखंड में बारिश बनी आफत, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
देहरादून। उत्तराखंड में देर रात से जारी मूसलाधार बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री पैदल मार्ग का एक हिस्सा धंस गया, हाईवे पर बोल्डर गिरने से दो कांवड़ यात्री घायल हो गए, जबकि टिहरी जिले में भूस्खलन और मलबा आने से नौ ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। वहीं डोईवाला और जौलीग्रांट क्षेत्र में बरसाती खालों के उफान के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग और रिहायशी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन, आपदा प्रबंधन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली कार्य में जुटे हुए हैं।
उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे और जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हालात गंभीर हो गए। राम मंदिर के समीप यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से पैदल मार्ग का लगभग 30 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोकनी पड़ी। इसी दौरान पाली गाड़ क्षेत्र में हाईवे पर अचानक चट्टानों से बड़े बोल्डर गिर पड़े। यमुनोत्री से लौट रहे दो कांवड़ यात्री इसकी चपेट में आकर घायल हो गए, जबकि अन्य श्रद्धालु बाल-बाल बच गए। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा गया है।
उधर टिहरी जिले में रातभर हुई बारिश के कारण कई स्थानों पर मलबा और बोल्डर गिरने से ग्रामीण सड़कें बंद हो गईं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, घुत्तू-गंगी, गुल्लर-भगवासेरा, गुल्लर-नाई माथियाली, नरेंद्रनगर-रानीपोखरी, देवप्रयाग-गाजा-जाजल, लालपुल-भुत्सी, रानीचौरी-नकोट तथा दिवाड़ा-बांगोली-राजराजेश्वरी मंदिर सहित कुल नौ संपर्क मार्ग बाधित हैं। विभागीय टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्गों को जल्द बहाल करने का प्रयास कर रही हैं।
डोईवाला और जौलीग्रांट क्षेत्र में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। थानो वन रेंज का बरसाती खाला उफान पर आने से भानियावाला-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी और मलबा जमा हो गया। सुबह नगर पालिका की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से पानी की निकासी और बहाव को मोड़ने का कार्य शुरू किया। वहीं देहरादून एयरपोर्ट के समीप चोर पुलिया क्षेत्र में बरसाती नाले का पानी कई घरों में घुस गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान हर वर्ष ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। इस बार भी लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई और घरों में घुसे पानी से सामान बचाने की कोशिश की।
बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा बंद मार्गों को जल्द से जल्द खोलने और प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।





