कविता नन्दिनी
ज्ञान का दीपक जलाता आ रहा शिक्षक हमारा
सात दशकों से निरंतर छात्र का जीवन निखारा
देश के निर्माण की ही भावना उसने जगाया
फूट की विद्वेष की दुर्भावना उसने भगाया
राष्ट्र का गौरव बढ़े देता रहा हर पल सहारा
ज्ञान का दीपक जलाता आ रहा शिक्षक हमारा
पढ़ें देशवासी हर कोई ऐसा ही अपना विधान था
बेटे – बेटी की उन्नति हो हर कठिनाई का निदान था
कोई नहीं पिछड़ने पाए शिक्षक ने सब को ललकारा
ज्ञान का दीप जलाता आ रहा शिक्षक हमारा
नई शिक्षा नीति जाने किस दिशा से आ गई है
पढ़ेंगे धनवान केवल किस तरह यह भा गई है
बंद विद्यालय हुए हैं और शिक्षक बेसहारा
ज्ञान का दीपक जलाता आ रहा शिक्षक हमारा
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¤ प्रकाशन परिचय ¤
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