- TET अनिवार्यता के बाद 20 हजार शिक्षकों का भविष्य अधर में, शासन तलाश रहा रास्ता
- उत्तराखंड में शिक्षकों की नौकरी पर संकट, विशेष TET के लिए यूपी का आदेश मंगाया
- सुप्रीम कोर्ट के TET आदेश के बाद बढ़ी चिंता, 12 हजार प्राथमिक और 8 हजार माध्यमिक शिक्षक प्रभावित
- विशेष TET की मांग पर शासन सक्रिय, यूपी के आदेश और हाईकोर्ट के फैसले का होगा परीक्षण
देहरादून। सुप्रीम कोर्ट के टीईटी संबंधी आदेश के बाद उत्तराखंड में करीब 20 हजार शिक्षकों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षकों की नौकरी और पदोन्नति से जुड़े इस मामले में फिलहाल शिक्षा विभाग कोई अंतिम रास्ता नहीं निकाल पाया है। अब शासन ने उत्तर प्रदेश में लागू विशेष टीईटी से संबंधित आदेश मंगाकर उसका परीक्षण शुरू किया है, ताकि उत्तराखंड में भी इस मामले का कोई व्यावहारिक रास्ता तलाशा जा सके। विशेष टीईटी को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश और प्रमुख सचिव के स्तर से आवश्यक कार्रवाई के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने यूपी के आदेश का अध्ययन शुरू किया है। शिक्षा सचिव ज्योति यादव के मुताबिक उत्तर प्रदेश में लागू विशेष टीईटी से जुड़ा आदेश मंगा लिया गया है और उसका परीक्षण किया जा रहा है।
20 हजार शिक्षकों पर पड़ सकता है असर
सुप्रीम कोर्ट ने कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया है। आदेश के अनुसार 31 अगस्त 2028 तक टीईटी हासिल नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी। इसके अलावा इस अवधि में ऐसे शिक्षकों की पदोन्नति भी नहीं हो सकेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड में करीब 12 हजार शिक्षक प्रारंभिक शिक्षा में ऐसे हैं, जो टीईटी नहीं हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा में ऐसे शिक्षकों की संख्या करीब सात से आठ हजार बताई गई है। इस तरह कुल मिलाकर करीब 20 हजार शिक्षक इस व्यवस्था से प्रभावित हो सकते हैं।
पांच हजार शिक्षकों की उम्र 55 साल से अधिक
प्रभावित शिक्षकों में करीब पांच हजार ऐसे हैं, जिनकी उम्र 55 वर्ष या उससे अधिक है। हालांकि उम्र अधिक होने के बावजूद पदोन्नति के लिए भी टीईटी की अनिवार्यता लागू है। यही वजह है कि शिक्षक संगठन इस मामले में सरकार से विशेष व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों की मांग है कि उन्हें टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए या फिर उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उनके लिए विशेष टीईटी की व्यवस्था की जाए। इससे लंबे समय से सेवा दे रहे उन शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए अब टीईटी अनिवार्य कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी अंतिम फैसला नहीं
इस मामले को लेकर प्रभावित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। शासन के अगले कदम पर हजारों शिक्षकों की निगाहें टिकी हुई हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक शिक्षकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।
यूपी के विशेष TET आदेश का हो रहा परीक्षण
शिक्षा सचिव ज्योति यादव के मुताबिक उत्तर प्रदेश में विशेष टीईटी से संबंधित आदेश मंगा लिया गया है और उसका अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यूपी में इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल है। वहां इस मामले में आने वाले न्यायिक आदेश को भी देखा जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरे मामले में कानूनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही अगला कदम उठाया जाएगा। फिलहाल शासन यूपी के विशेष टीईटी से जुड़े आदेश और वहां की न्यायिक स्थिति का परीक्षण कर रहा है।
शिक्षक संगठन विशेष TET के पक्ष में
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि यूपी की तर्ज पर विशेष टीईटी के लिए मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेष टीईटी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला भी आ चुका है। ऐसे में उत्तराखंड में भी शिक्षकों के हित को देखते हुए जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
31 अगस्त 2028 की समयसीमा पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत टीईटी की अनिवार्यता पूरी करने के लिए शिक्षकों के पास 31 अगस्त 2028 तक का समय है। इस समयसीमा को देखते हुए उत्तराखंड के प्रभावित शिक्षकों और शिक्षक संगठनों की नजर अब शासन के फैसले पर है। फिलहाल शिक्षा विभाग यूपी के विशेष टीईटी आदेश का परीक्षण कर रहा है। इसके साथ ही वहां लंबित या निस्तारित न्यायिक मामलों को भी ध्यान में रखा जाएगा। इसके बाद ही उत्तराखंड में विशेष टीईटी अथवा शिक्षकों के लिए किसी अन्य व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय सामने आने की उम्मीद है।


