आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए रविवार से ऑनलाइन इनर लाइन परमिट जारी किए जाएंगे। प्रशासन मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रतिदिन सुबह परमिट जारी करेगा, जबकि कुलागाड़ में बीआरओ द्वारा बेली ब्रिज का निर्माण पूरा होने से यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही आसान हो गई है। ऑनलाइन परमिट और पुल शुरू होने से यात्रियों को अपने वाहनों से यात्रा करने की सुविधा मिलने तथा क्षेत्र के पर्यटन कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है।
- आदि कैलास-ओम पर्वत यात्रा का रास्ता आसान
- कुलागाड़ पुल तैयार, अब ऑनलाइन मिलेंगे परमिट
- श्रद्धालुओं के लिए राहत, रविवार से ऑनलाइन परमिट
- आदि कैलास यात्रा में वाहन ले जाना होगा आसान
धारचूला। प्रसिद्ध आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए राहत की खबर है। प्रशासन रविवार से यात्रा के लिए ऑनलाइन इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इससे देशभर से यात्रा पर आने वाले लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद अपने वाहनों से भी यात्रा कर सकेंगे। प्रशासन के अनुसार यात्रा पहले ही शुरू हो चुकी है और अब तक कुछ यात्रियों को ऑफलाइन परमिट जारी किए गए हैं। हालांकि, यात्रियों के लिए ऑनलाइन परमिट की सुविधा शुरू होने से आवेदन की प्रक्रिया अधिक आसान होगी और देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु यात्रा की अनुमति के लिए आवेदन कर सकेंगे।
मौसम देखकर रोज जारी होंगे परमिट
उप जिलाधिकारी आशीष जोशी के अनुसार, यात्रा मार्ग की परिस्थितियों और मौसम को ध्यान में रखते हुए परमिट जारी किए जाएंगे। फिलहाल प्रतिदिन सुबह मौसम की स्थिति का जायजा लेने के बाद यात्रियों को इनर लाइन परमिट दिए जाने की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी जा सके।
कुलागाड़ पुल बनने से आसान हुई राह
आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा मार्ग पर कुलागाड़ में बेली ब्रिज का निर्माण पूरा होने से यात्रियों के लिए एक बड़ी बाधा दूर हुई है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कुलागाड़ में युद्धस्तर पर काम करते हुए पुल का निर्माण पूरा किया है। पुल के तैयार होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही फिर से सुचारू हो गई है। पहले कुलागाड़ में पुल से जुड़ी समस्या के कारण यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। अब बेली ब्रिज शुरू होने से श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान अपने वाहनों के साथ आगे बढ़ने में सुविधा मिलेगी।
देशभर से आने लगे आवेदन
ऑनलाइन इनर लाइन परमिट की प्रक्रिया शुरू होने से देश के विभिन्न हिस्सों से आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा करने के इच्छुक श्रद्धालु आवेदन कर सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि ऑनलाइन सुविधा मिलने के बाद यात्रा के लिए आने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को यह भी उम्मीद है कि ऑनलाइन परमिट की सुविधा और कुलागाड़ पुल के शुरू होने से सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यात्रा से जुड़े होटल, होमस्टे, टैक्सी, वाहन संचालकों और अन्य स्थानीय कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।
पहले चरण में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आदि कैलास यात्रा के पहले चरण में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। अब यात्रा मार्ग में सुधार और ऑनलाइन परमिट की सुविधा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा संचालन में मौसम की स्थिति को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रतिदिन मौसम की समीक्षा के बाद ही परमिट जारी किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित परिस्थितियों में आदि कैलास और ओम पर्वत की यात्रा कराई जा सके।

