हरिद्वार-दिल्ली हाईवे स्थित एक प्रतिष्ठान की जांच में सामने आया कि होटल के लाइसेंस पर रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था और लाइसेंस में चाय, मीट, इंडियन स्वीट्स व बेकरी उत्पादों जैसी श्रेणियां दर्ज नहीं थीं। निरीक्षण के दौरान रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए अलग व्यवस्था नहीं मिली और एक ही बर्तन में दोनों तरह के खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मीट उत्पाद, इंडियन स्वीट्स और बेकरी उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई तथा जिले से 13 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे।
- हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 13 नमूने लिए
- एक ही बर्तन में बन रहे थे वेज-नॉनवेज, बिक्री पर रोक
- होटल के लाइसेंस पर रेस्टोरेंट संचालन, विभाग ने की जांच
- हरिद्वार में खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापे, कई को नोटिस
हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शनिवार को हरिद्वार जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, नमकीन इकाइयों और किराना प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच में कई जगह खाद्य सुरक्षा और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद विभाग ने कुछ खाद्य उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाई। अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
हरिद्वार-दिल्ली हाईवे स्थित एक होटल और रेस्टोरेंट की जांच के दौरान सामने आया कि प्रतिष्ठान होटल के लाइसेंस पर रेस्टोरेंट का संचालन कर रहा था। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी के अनुसार, प्रतिष्ठान के लाइसेंस में चाय, मीट, इंडियन स्वीट्स और बेकरी प्रोडक्ट्स जैसी कई श्रेणियां दर्ज नहीं थीं। जांच के दौरान होटल प्रबंधन आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका।
एक ही बर्तन में तैयार हो रहा था वेज-नॉनवेज
निरीक्षण के दौरान रसोई की व्यवस्था को लेकर भी गंभीर अनियमितता सामने आई। अधिकारियों के मुताबिक किचन में शाकाहारी और मांसाहारी भोजन तैयार करने के लिए अलग-अलग सेक्शन नहीं बनाए गए थे। जांच में एक ही बर्तन में वेज और नॉन-वेज खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने की बात सामने आई।
विभाग ने इन अनियमितताओं को देखते हुए मीट उत्पादों, इंडियन स्वीट्स और बेकरी प्रोडक्ट्स की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने प्रतिष्ठान से संबंधित लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की।
डेयरी और किराना प्रतिष्ठानों की भी जांच
अभियान के दौरान लक्सर क्षेत्र में डेयरियों, नमकीन इकाइयों और किराना दुकानों का निरीक्षण किया गया। यहां से खुले पनीर, नमकीन और पैक्ड फ्रूटी ड्रिंक के नमूने जांच के लिए लिए गए। निर्माण स्थलों पर साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों का भी निरीक्षण किया गया। विभाग के अनुसार कुछ प्रतिष्ठानों में आवश्यक स्वच्छता मानकों का पालन नहीं पाया गया। फूड लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराने और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने पर एक नमकीन इकाई तथा दो किराना दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए।
हरिद्वार शहर में भी चला अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हरिद्वार शहर में भी जांच अभियान चलाया। इस दौरान अशोक प्रोविजन स्टोर से दो मसालों के नमूने लिए गए। संबंधित प्रतिष्ठान को केवल खाद्य पंजीकरण के आधार पर व्यवसाय संचालित करने के मामले में कारण बताओ नोटिस भी दिया गया।
इसके अलावा शहरी क्षेत्र की डेयरियों और दूध विक्रेताओं का निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान खुले दूध के तीन नमूने लिए गए। चांद डेयरी से देसी घी का एक नमूना, जबकि गुर्जर और न्यू शिव डेयरी से पनीर के दो नमूने जांच के लिए लिए गए।
13 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे
खाद्य सुरक्षा विभाग के इस अभियान के दौरान हरिद्वार जिले से कुल 13 खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रशासन की ओर से कुंभ के मद्देनजर भी खाद्य, पेय पदार्थ और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेलाधिकारी सोनिका के अनुसार, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा विभाग की बैठक में खाने-पीने, ठहरने और स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब संबंधित प्रतिष्ठानों में लाइसेंस, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति जांच रिपोर्ट और आगे की विभागीय कार्रवाई से स्पष्ट होगी।

