उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है और दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ा है, जबकि न्यूनतम तापमान गिरने से रातें सर्द होने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार 25 सितंबर तक पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है और 25 से 30 सितंबर के बीच मानसून की विदाई संभावित है। इस मानसून में बागेश्वर में सामान्य से 161 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पौड़ी गढ़वाल में 45 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।
- मानसून की विदाई करीब, बदलने लगा मौसम
- दिन में धूप, रात में बढ़ने लगी ठंड
- 25 से 30 सितंबर के बीच मानसून की विदाई
- बागेश्वर में खूब बरसा पानी, पौड़ी में सूखा
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के साथ मौसम में बदलाव साफ नजर आने लगा है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन के समय चटक धूप के कारण गर्मी का अहसास बढ़ रहा है, जबकि रात के तापमान में गिरावट आने से मौसम सर्द होने लगा है। रविवार को भी प्रदेशभर में मौसम सामान्य और मुख्य रूप से शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसूनी गतिविधियों में कमी आने के साथ आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदल सकता है। सुबह से ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली हुई है। दिन में तापमान बढ़ने के कारण गर्मी महसूस हो रही है, वहीं रात के समय तापमान में गिरावट के चलते ठंड का असर बढ़ रहा है।
दून में दिन गर्म, रात का तापमान कम
शनिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम था। इससे साफ है कि दिन और रात के तापमान के बीच अंतर बढ़ने लगा है। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का यह अंतर और अधिक महसूस किया जा रहा है। पहाड़ों में तापमान में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट के साथ हवाएं चलने से रात और सुबह के समय ठंड का अहसास बढ़ गया है।
25 से 30 सितंबर के बीच मानसून की विदाई संभव
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 सितंबर तक प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मानसूनी गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है। प्रदेश से मानसून की विदाई 25 से 30 सितंबर के बीच होने की संभावना जताई गई है। मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में मौसम का स्वरूप और बदल सकता है। हालांकि सितंबर के शेष दिनों में कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है, इसलिए मौसम में स्थानीय स्तर पर बदलाव जारी रह सकता है।
बागेश्वर में सामान्य से 161 प्रतिशत अधिक बारिश
इस मानसून सीजन में उत्तराखंड में बारिश का वितरण सभी जिलों में एक जैसा नहीं रहा। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के एक जून से 18 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक के वर्षा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में औसतन उपखंड वर्षा 1159.1 मिलीमीटर दर्ज हुई, जबकि सामान्य वर्षा 1118.4 मिलीमीटर है। यानी प्रदेश में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक रही।
जिलेवार आंकड़ों में सबसे अधिक अंतर बागेश्वर में देखने को मिला। यहां सामान्य 758.9 मिलीमीटर के मुकाबले 1982.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 161 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा अल्मोड़ा में सामान्य से 27 प्रतिशत, चमोली में 69 प्रतिशत, टिहरी में 28 प्रतिशत और हरिद्वार में 14 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।
पौड़ी में सामान्य से 45 प्रतिशत कम बारिश
वहीं दूसरी ओर पौड़ी गढ़वाल में बारिश की कमी सबसे अधिक रही। यहां सामान्य 1226.6 मिलीमीटर के मुकाबले सिर्फ 675.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 45 प्रतिशत कम है। चंपावत में सामान्य से 26 प्रतिशत, नैनीताल में 20 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 14 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में सात प्रतिशत और देहरादून में तीन प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में बारिश सामान्य के आसपास रही।
मौसम विभाग के अनुसार सितंबर के बाकी दिनों में भी कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं। ऐसे में महीने के अंत तक वर्षा के आंकड़ों में कुछ और बदलाव संभव है।

