बाल अपराधों पर अंकुश के लिए पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण : सीडब्लूसी

सीडब्लूसी पिथौरागढ का कनालीछीना में ग्राम प्रधानों और जीजीआईसी में बालिकाओं के मध्य जागरूकता शिविर

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बाल अपराधों पर अंकुश के लिए पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण : सीडब्लूसी, यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से बाल विवाह हो रहे हैं और बालकों के प्रति लैंगिक अपराध बढ़ रहे हैं।

पिथौरागढ। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बालकों के प्रति होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाल कल्याण संरक्षण इकाई का गठन करने के लिए वृहद स्तर पर अभियान संचालित किए जाने की आवश्यकता है।

बाल विवाह, लैंगिक दुर्व्यवहार और बालकों के प्रति यौनाचार की घटनाओं को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर जागरुकता अभियान संचालित होने चाहिए। कनालीछीना विकासखंड सभागार में ग्राम प्रधानों के साथ आयोजित एक शिविर में बाल कल्याण समिति पिथौरागढ की अध्यक्ष लक्ष्मी भट्ट ने यह बात कही।

कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बाल संरक्षण इकाई का गठन किया जाना है परंतु अधिकांश ग्राम प्रधानों को इस संबंध में कोई जानकारी ही नहीं है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से बाल विवाह हो रहे हैं और बालकों के प्रति लैंगिक अपराध बढ़ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में बच्चों की नशाखोरी की प्रवृत्ति भी लगातार गंभीर रूप से बढ़ रही है।

शिविर में क्षेत्र प्रमुख सविता कन्याल, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार समेत तीन दर्जन प्रधान मौजूद रहे। समिति ने इस दौरान राजकीय बालिका इंटर कालेज में भी जागरुकता शिविर का आयोजन किया।

शिविर में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष लक्ष्मी भट्ट, सदस्य जगदीश कलौनी, रेखा रानी, खंड शिक्षा अधिकारी हेमचंद्र जोशी, प्रधानाचार्या मोनिका बिष्ट, हर्षिता पुनेठा, अंकिता, भागीरथी पोखरिया आदि ने चाइल्ड हैल्प लाइन 1098, पोक्सो अधिनियम, बाल विवाह, पुलिस हैल्प लाइन, साइबर क्राइम पर जानकारी दी। शिविर का संचालन संगीत शिक्षिका हर्षिता पुनेठा ने किया।




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