
उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और देहरादून में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी करते हुए चार और पांच मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
- भीषण गर्मी के बाद बदला मौसम, दून में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि
- उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न, कई जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट
- दून में दिन में छाया अंधेरा, तेज तूफान और ओलों ने बदला मौसम
- पहाड़ों में बर्फबारी की चेतावनी, मैदानी इलाकों में बारिश से राहत
देहरादून: उत्तराखंड में कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बाद रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और राजधानी देहरादून समेत आसपास के इलाकों में तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। अचानक बदले मौसम के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली, वहीं जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित भी रहा। देहरादून में सुबह के समय तेज हवाओं के साथ बादल घिर आए और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई।
कई क्षेत्रों में ओले गिरने से तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। जौलीग्रांट और आसपास के इलाकों में भी तूफान का असर देखने को मिला, जहां कुछ स्थानों पर हल्का नुकसान भी हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है, जिसके चलते प्रदेश के कई जिलों में मौसम अस्थिर बना हुआ है। विभाग ने देहरादून सहित कई जिलों के लिए 4 और 5 मई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत तेज बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़—में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना व्यक्त की गई है। विशेष रूप से 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है, जिससे चारधाम यात्रा और ट्रैकिंग गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।
आपदा प्रबंधन सचिव ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, ट्रैकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पीएमजीएसवाई और बीआरओ को सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली के लिए तैयार रहने को कहा गया है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।
विद्यालयों को भी निर्देश दिए गए हैं कि खराब मौसम के दौरान छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। ग्राम स्तर तक अधिकारियों को सक्रिय रहने और आवश्यक उपकरणों व संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मौसम का यह अचानक बदलाव जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं संभावित खतरों को देखते हुए प्रशासन और लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।





