
आरोपी ने 1 लाख 25 हजार रुपये का इंटरनेशनल टिकट सौरभ ग्रोवर को केवल 95 हजार रुपये में दिलवाया…
देहरादून/नई दिल्ली। देश की राजधानी कहें या फिर अपराध की राजधानी कहें, कुछ समझ नहीं आता है। क्योंकि अधिकांशतः अपराध से संबंधित समाचार दिल्ली से ही उजागर होते हैं। हां, उसके बाद मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश का भी नम्बर आता है, लेकिन इतना जरूर है कि देवभूमि उत्तराखण्ड अभी अपराध भूमि बनने से बचा हुआ है।
उत्तराखण्ड में अपराध होते हैं और कई नेता, अभिनेता और व्यवसायी भी आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े हुये हैं, लेकिन अपराध में कमी है। बात करें राजधानी नई दिल्ली की तो बीते दिन साइबर पुलिस ने ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो कि इंटरनेशनल एयरलाइंस की टिकट पर 25 से 50 प्रतिशत की छूट दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। 42 साल का रविंद्र कुमार जम्मू के कठुआ का रहने वाला है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार आरोपी रविंद्र ने 30 से ज्यादा लोगों से लाखों की ठगी की है।
मामले का खुलासा कुछ इस तरह हुआ था कि सौरभ ग्रोवर नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि वह एयरलाइन टिकट बुकिंग के व्यवसाय करते हैं। इसी दौरान इस व्यक्ति को रविंद्र कुमार का मोबाइल नंबर मिला, जो 25-50 प्रतिशत की छूट के साथ इंटरनेशनल एयरलाइन की टिकट बुकिंग का काम कर रहा था। मामले को जानने के लिए इस व्यक्ति रविंद्र कुमार से संपर्क किया। अब हुयी मामले की रामलीला शुरू। आरोपी रविंद्र ने सौरभ ग्रोवर का भरोसा जीता और ठगी शुरू कर दी। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने 1 लाख 25 हजार रुपये का इंटरनेशनल टिकट सौरभ ग्रोवर को केवल 95 हजार रुपये में दिलवाया। सौरभ को उस पर विश्वास हो गया तो उसने रविंद्र से पोर्ट-ऑफ़-स्पेन के 7 टिकट बुक करने का ऑर्डर दिया।
भरोसा जीतने के बाद ही आरोपी ठगी की रामायण बनाने लगते हैं। सौरभ की उक्त 7 टिकट का वास्तविक मूल्य 12 लाख 25 हजार रुपये था। रविंद्र ने 9 लाख 75 लाख रुपये में 7 टिकट दिलवाने की बात की और कुछ अकाउंट नंबर देकर रकम ट्रांसफर करने की बात की। सौरभ ने उन सभी अकाउंट नंबरों पर पैसे जमा करवा दिए और टिकटों का इंतजार करने लगा। आरोपी रविंद्र ने सौरभ को दो डमी टिकट भेजे और कहा कि यात्रा के दो दिन पहले वह सभी कंफर्म टिकट भेज देगा। अब हो गया क्लाईमेक्स… क्योंकि अब आरोपी रविंद्र का कॉन्टेक्ट भी खत्म और न ही सौरभ को कोई टिकट प्राप्त हुयी। पुलिस ने जांच शुरू की और टेक्निकल टीम की मदद से आरोपी रविंद्र की लोकेशन का पता लगाया गया।
गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस की पूछताछ से पता चला कि आरोपी ने जो अकाउंट नंबर दिए थे वे अलग-अलग राज्यों के थे। आरोपी ने बताया कि उसने एनआईटी जम्मू से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक किया है और पुणे से मार्केटिंग में एमबीए किया है। आरोपी रविंद्र का कहना है कि पहले उसने एक व्यवसाय शुरू किया था। व्यवसाय न चल पाने के कारण उसने वह व्यवसाय बंद कर दिया। इसके बाद उसने लोगों को एयरलाइन टिकट पर डिस्काउंट के नाम पर ठगना शुरू कर दिया। पुलिस रिकॉर्डों के अनुसार उसने अब तक 30 से ज्यादा लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और 3 करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल आरोपी से पूछताछ चल रही है।