
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम को फूलों से सजाने का काम तेज हो गया है और यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली आज गौरीकुंड पहुंचेगी और 21 अप्रैल को धाम पहुंचेगी। 22 अप्रैल को सुबह शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
- केदारपुरी में बढ़ा उत्साह, यात्रा से पहले सजावट जोरों पर
- 21 अप्रैल को धाम पहुंचेगी पंचमुखी डोली
- फूलों से सजा केदारनाथ, श्रद्धालुओं के स्वागत की तैयारी
- चारधाम यात्रा: केदारनाथ में व्यवस्थाएं लगभग पूरी
रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा के अंतर्गत केदारनाथ धाम में इन दिनों भक्तिभाव और उत्साह का माहौल चरम पर है। आगामी 22 अप्रैल को मंदिर के कपाट खुलने से पहले पूरे केदारपुरी क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। धाम को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने का कार्य तेजी से जारी है, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक आभा से भर गया है। बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव विग्रह डोली अपने पारंपरिक पड़ावों से होते हुए आगे बढ़ रही है। रविवार को फाटा में रात्रि विश्राम करने के बाद डोली सोमवार को गौरीकुंड पहुंचेगी।
यहां डोली के भव्य स्वागत के लिए स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं ने विशेष तैयारियां की हैं। इसके बाद 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी, जहां धार्मिक विधि-विधान पूरे किए जाएंगे। अगले दिन यानी 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य पंडित उमेश चंद्र पोस्ती के अनुसार, यात्रा से जुड़ी लगभग सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन और मंदिर समिति ने इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
केदारपुरी में होटल, धर्मशालाएं और यात्री आवास भी सजकर तैयार हो रहे हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन और सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, और इस बार भी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और यात्रा को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।






