
खराब मौसम के कारण उत्तराखंड दौरा रद्द होने के बावजूद राहुल गांधी ने वर्चुअल संबोधन के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित किया। उन्होंने अग्निवीर योजना, अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिलाओं की सुरक्षा, पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को आगामी चुनावों के प्रमुख विषयों के रूप में रेखांकित किया। कार्यक्रमों में शारीरिक रूप से शामिल न हो पाने पर उन्होंने खेद जताया और जल्द उत्तराखंड आने का भरोसा दिया।
- खराब मौसम से नहीं पहुंच सके राहुल, ऑनलाइन संबोधन से कार्यकर्ताओं में जोश
- अग्निवीर, अंकिता प्रकरण और पेपर लीक पर कांग्रेस का फोकस
- उत्तराखंड में चुनावी रणनीति का संकेत देकर लौटे राहुल गांधी
- बारिश बनी बाधा, वर्चुअल मंच से कांग्रेस ने शुरू किया चुनावी अभियान
देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित उत्तराखंड दौरा खराब मौसम की भेंट चढ़ गया, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से यह दौरा पूरी तरह निष्फल नहीं रहा। अल्मोड़ा और पौड़ी में प्रस्तावित कार्यक्रमों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने के बावजूद राहुल गांधी ने वर्चुअल माध्यम से कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित कर आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और प्रमुख मुद्दों का संकेत दे दिया। मौसम की बाधा के बीच उनका डिजिटल संबोधन कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक साबित हुआ और चुनावी माहौल बनाने में सफल रहा। करीब चार वर्षों बाद राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा तय हुआ था, जिसे लेकर प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच भारी उत्साह था।
पार्टी इसे 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम मान रही थी। अल्मोड़ा में विशाल जनसभा और पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन के माध्यम से कांग्रेस राज्य में चुनावी अभियान की शुरुआत करना चाहती थी। लेकिन प्रतिकूल मौसम और कम दृश्यता के कारण निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित हो गए। गुरुवार सुबह राहुल गांधी विशेष विमान से पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे थे। वहां से उन्हें हेलिकॉप्टर के माध्यम से अल्मोड़ा जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर को सुरक्षा कारणों से वापस पंतनगर लौटना पड़ा। कुछ समय तक मौसम सुधरने की प्रतीक्षा की गई, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल न होने पर राहुल गांधी को दोपहर बाद दिल्ली लौटना पड़ा। दौरा रद्द होने की सूचना मिलते ही कार्यक्रम स्थलों पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में निराशा छा गई।
हालांकि राहुल गांधी ने परिस्थितियों को देखते हुए वर्चुअल माध्यम का सहारा लिया और अल्मोड़ा जनसभा तथा पौड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों से क्षमा मांगते हुए कहा कि मौसम के कारण वे स्वयं उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन जल्द ही उत्तराखंड आकर लोगों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगे। उनके इस संदेश ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस के संभावित मुद्दों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तराखंड जैसे सैन्य परंपरा वाले राज्य में अग्निवीर भर्ती योजना कांग्रेस का प्रमुख चुनावी मुद्दा होगी। उन्होंने इस योजना को सेना की पारंपरिक व्यवस्था के लिए चुनौती बताते हुए कहा कि कांग्रेस इसे गंभीरता से उठाएगी और सत्ता में आने पर इसके संबंध में ठोस कदम उठाएगी।
इसके अलावा राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के मुद्दे को भी प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का अप्रत्यक्ष उल्लेख करते हुए महिलाओं की सुरक्षा को राज्य की राजनीति का महत्वपूर्ण विषय बताया। कांग्रेस इस मामले को भाजपा सरकार की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार राहुल गांधी का कोटद्वार में जिम संचालक मोहम्मद दीपक से मिलने का प्रस्तावित कार्यक्रम भी एक विशेष राजनीतिक संदेश देने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। कांग्रेस इस माध्यम से सामाजिक समावेशिता और सभी समुदायों के प्रति समान दृष्टिकोण का संदेश देना चाहती थी। हालांकि मौसम के कारण यह कार्यक्रम भी नहीं हो सका, लेकिन इसके राजनीतिक संकेतों पर चर्चा जारी रही।
राहुल गांधी ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को राज्य के युवाओं की बड़ी समस्याएं बताते हुए कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाएगी। हाल के वर्षों में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सामने आए विवादों को देखते हुए पार्टी इन्हें सरकार की विफलताओं के रूप में प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है। अल्मोड़ा जनसभा के दौरान तकनीकी और कनेक्टिविटी संबंधी कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसके कारण राहुल गांधी का संदेश कई बार स्पष्ट रूप से नहीं पहुंच सका। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने उनके संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और इसे चुनावी तैयारी की शुरुआत के रूप में देखा। पौड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन में भी राहुल गांधी का वर्चुअल संबोधन हुआ, जहां उन्होंने पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल राहुल गांधी के साथ पंतनगर एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।
उन्हें भी हेलिकॉप्टर से अल्मोड़ा जाना था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वे राहुल गांधी के साथ ही पंतनगर में रुके रहे और बाद में दिल्ली लौट गए। परिणामस्वरूप वे अल्मोड़ा और पौड़ी के कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हो सके। उधर देहरादून में भी राहुल गांधी के आगमन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। पांच जून को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला इकाइयों और विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा के लिए विशेष बैठक प्रस्तावित थी। इसके लिए हरिद्वार बाईपास क्षेत्र में कार्यक्रम स्थल को पूरी तरह तैयार किया गया था, लेकिन दौरा रद्द होने के कारण यह कार्यक्रम भी स्थगित करना पड़ा।
हालांकि प्रतिकूल मौसम ने राहुल गांधी की यात्रा को प्रभावित किया, लेकिन उनके वर्चुअल संबोधन ने कांग्रेस के चुनावी एजेंडे की स्पष्ट झलक दे दी। अग्निवीर योजना, महिलाओं की सुरक्षा, अंकिता भंडारी प्रकरण, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति तैयार करती दिखाई दे रही है। राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो राहुल गांधी भले ही उत्तराखंड की धरती पर नहीं पहुंच पाए, लेकिन उन्होंने दूर रहकर भी चुनावी माहौल बनाने में सफलता हासिल की।





